मशरुम कहा बेचे

Press Report

समाचार स्रोतों की सूची लगातार अद्यतन

Share on Facebook Share on Twitter Share on Google+

Ads

बिजनेस में पड़ रहा था घाटा, उपाय कराने को तांत्रिक किया अगवा, बात बनी तो मांगी फिरौती

१४ मार्च २०१७ २३:४०:५२ bhaskar

कुवैत से दिल्ली पहुंचते ही मारपीट केस का पांच साल से भगौड़ा गिरफ्तार भास्कर संवाददाता | होशियारपुर मुकेरियां-दसूहाक्षेत्र से किडनैप किए गए गुड़गांव निवासी जाकिर हुसैन को छुड़वाकर पुलिस ने चारों किडनैपर को अरेस्ट कर लिया। एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर ने बताया कि जाकिर हुसैन टांडा, मुकेरियां और दसूहा में जोड़ों की दर्द की दवा बेचने का काम करता है। इसके साथ वह तंत्र से बिगड़े काम बनाने का भी दावा करता था। 9-10 मार्च की रात दलजीत सिंह रायपुर, परमजीत सिंह भोगपुर, मशरूम अली, नरेश कुमार लालपुर ने उसे किडनैप कर लालपुर के एक फार्म हाउस में बंदी बना लिया। चारों युवक प्रापर्टी का काम करते हैं आैर बिजनेस में पड़ रहे घाटे से उबरने के लिए जाकिर से तंत्र का सहारा ले रहे थे। जब जाकिर के उपाय काम नहीं किए तो उन्होंने उसे पीटा आर उल्टा एसएसपी भुल्लर ने बताया कि पुलिस को 12 मार्च को व्हटसएप के माध्यम से पंचकूला निवासी राव अब्दुल जावेद खां ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके भतीजे जाकिर हुसैन को दसूहा- मुकेरियां इलाके से कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है। किडनैपर रिहाई के बदले 20 लाख रुपए...

Vice null Time१४ मार्च २०१७ २३:४०:५२


Ads

बोले डायरेक्टर: लीक से हटकर करे किसान खेती

०२ जनवरी २०१७ २२:०४:११ bhaskar

कृषिविज्ञानकेन्द्र अटारी के निदेशक डाॅ. राजबीर सिंह बराड़ ने कहा कि अधिक आय के लिए परंपरागत खेती को छोड़कर सब्जी नर्सरी को बढ़ावा देना चाहिए। परंपरागत खेती किसान को सीजन के बाद लाभ देती है जबकि सब्जियों नर्सरी से किसान प्रतिदिन लाभ ले सकता है। बराड़ ने सोमवार को जिले के अग्रणी किसानों के खेतों का भ्रमण किया। उन्होंने किसानों को कम लागत पर अधिक आय लेने के तरीके बताए। कहा कि किसानों को लीक से हटकर काम करना चाहिए, तभी आय के स्त्रोत बढ़ेंगे। उन्होंने गांव भौरं सैयंदा में हरपाल सिंह बाजवा के फार्म पर खुंब उत्पादन के कार्य को देखा। इस किसान द्वारा अपने खेत में खुंब उत्पादन का प्रोजेक्ट लगाया हुआ है। हरपाल सिंह ने बताया कि उनके द्वारा प्रतिवर्ष 2500 टन मशरूम खाद, 350 टन बीज 100 टन ताजा मशरूम तैयार की जाती है। उन्होंने गांव डाडलू में सरदार हरबीर सिंह के फार्म का दौरा किया। हरबीर सिंह ने बताया कि उनके द्वारा सबसे अच्छी नई किस्मों की सब्जी उगाई जाती है। वह उत्तम किस्म की सब्जियों की नर्सरी तैयार कर बेचते हैं, जिससे उन्हें काफी लाभ हो रहा हैं। उगाली में कर्ण सिंह...

Vice null Time०२ जनवरी २०१७ २२:०४:११


मनरेगा में काम कर जोड़े 10 हजार, अब मशरूम उगाकर हजारों कमा रहे

०१ जनवरी २०१७ २१:५६:३५ bhaskar

मगरलोड ब्लाक के केकराखोली, पालवाड़ी के अकुशल श्रमिक अब कुशल बन गए हैं। पहले रोजगार गारंटी योजना में काम किया, फिर बेरोजगारी दूर करने गांव के युवाओं के साथ मिलकर स्व सहायता समूह का गठन किया और इसके जरिए मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। दोनों गांवों के 24 युवाओं को मनरेगा लाइफ परियोजना के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र संबलपुर में मशरूम उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। फिर नव युवा और नव जागरण स्व सहायता समूह का गठन किया। सभी ने मिलकर 10 हजार रुपए मिलाकर मशरूम उत्पादन शुरू किया। सरपंच महेश्वरी ध्रुव ने इन्हें आंगनबाड़ी के पास सामुदायिक भवन मशरूम उत्पादन के लिए उपलब्ध कराया। 5-6 महीने में युवाओं ने 70 हजार रुपए का मशरूम बेच लिया। लागत घटाकर समूह को 30 हजार का लाभ हुआ। वे उत्पादित मशरूम की बिक्री मोंहदी, सिंगपुर, मेघा, नगरी, केरेगांव के हाट बाजारों में कर रहे हैं। स्वरोजगार का अच्छा अवसर मशरूम उत्पादन कर रहे काेमल सिंह, रोहित यादव, तामेश्वर मंडावी, हितेश्वर सूर्यवंशी, तीजूराम, रेखराज, बिसाहूराम, विष्णुराम, बृजलाल, गुहरीराम, विश्राम सिंह, दशरथ, राहुल,...

Vice null Time०१ जनवरी २०१७ २१:५६:३५


विशेषज्ञों ने किसानों को दी कृषि संबंधी उपयोगी जानकारी

०३ नवंबर २०१६ २२:३०:२५ bhaskar

राष्ट्रीयकृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा गठित किसान क्लब के लिए नेतृत्व विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसान क्लब के सदस्यों को कृषि विकास केंद्र में उन्नत कृषि के लिए जानकारी दी गई। जिससे फसल में विविधिकरण नई तकनीक का प्रयोग करने से फसलों की गुणवत्ता उपज बढ़े। किसान को अधिक आमदनी हो। कार्यक्रम का आयोजन रबी फसल के मद्देनजर किया गया था। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ कुलदीप दहिया ने जीरो टिल्लर, हैप्पी सीडर रोटावेटर के उपयोग की जानकारी दी केंद्र में उपलब्ध उपकरणों को किस प्रकार खेत में इस्तेमाल किया जाए यह प्रदर्शन द्वारा बताया। केंद्र के वरिष्ठ समन्वयक डॉ. अनिल राठी ने बताया की किस प्रकार पराली को बिना जलाए उपलब्ध उपकरणों द्वारा एकत्रित किया जाए इस अवशेष को शीशा, बोर्ड अन्य उद्योग इकाइयों को बेच कर अतिरिक्त आमदनी करें। डॉ. जोगेंद्र डॉ. परमिंदर ने भूमि जल की गुणवत्ता के अनुसार फसलों के चयन मार्केटिंग के बारे में जानकारी दी। सभी को हैक मशरूम अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कराया गया जहां डॉ. अजय यादव ने मशरूम की खेती की...

Vice null Time०३ नवंबर २०१६ २२:३०:२५


नॉनवेज से भी महंगी बिकती है ये सब्जी, मटन और चिकन का है बेहतर विकल्प

१२ मार्च २०१६ ०८:४०:३२ bhaskar

रांची। झारखंड में तीज-त्योहारों में खुखड़ी (एक प्रकार का मशरूम) की बिक्री इतनी बढ़ जाती है कि यह 800 रुपए किलो के भाव में बिकने लगता है। जुलाई से लेकर सितंबर तक यह नॉनवेज से ज्यादा महंगा हो जाता है। ऐसे में यह खुखड़ी चिकन और मटन का बेहतर विकल्प बन जाता है। और क्या है खुखड़ी के उपयोग... &अनमोल झारखंड& सीरीज के तहत dainikbhaskar.com आपको बता रहा है यहां की कुछ खास खानपान और रीति रिवाजों के बारे में... क्या है खुखड़ी -खुखड़ी मशरूम की तरह दिखता है। खुखड़ी में भी कई किस्म हैं। -खुखड़ी की पैदावार बरसात में ही होती है, जिसे लोग बड़े ही चाव से खाते हैं। -पुटो व सोरवा खुखड़ी अधिक प्रचालित है। -सब्जी के अलावा इसका उपयोग दवाई बनाने में भी किया जाता हैं। चरवाहों को अधिक मिलती है खुखड़ी -पशु चराने वाले चरवाहों को खुखड़ी की अच्छी परख होती है। -उन्हें यह भी पता होता हैं कि किस स्थान पर खुखड़ी मिल सकती है। -हालांकि, जंगल घूमने वाले आदिवासी परिवार भी इस कार्य में दक्ष होते हैं। -खास कर महिलाएं जंगल से खुखड़ी लाती हैं और बेचने का काम परिवार के सदस्य करते हैं। -ग्रामीण सड़क...

Vice null Time१२ मार्च २०१६ ०८:४०:३२


छोटे किसानों के लिए नया माॅडल तीन से चार गुणा तक होगी कमाई

०३ फ़रवरी २०१६ २२:२१:३४ bhaskar

परंपरागत खेतीमें किसान साल में लगभग आधा समय खाली रहता है, परंतु इस माॅडल में किसान खेती के काम में व्यस्त ही रहता है। इसके अलावा पैसे के लिए भी किसान को आढ़ती या किसी अन्य पर आश्रित नहीं रहना होगा। फसल के दौरान ही किसान के हाथ में नकदी आती है। हर माह किसान को कभी दूध से, कभी फूल से, कभी मशरूम से आय मिलती रहती है। इस माॅडलके तहत लगाए नींबू, अमरूद बाउंड्री पर लगे करोंदा बेलगिरी से उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। दो-तीन साल में उत्पादन शुरू हो जाएगा। प्रोडक्शन के बाद नींबू करोंदा को अचार के लिए, बेलगिरी को जूस के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा अमरूद को खुले बाजार में बेच सकते हैं।

Vice null Time०३ फ़रवरी २०१६ २२:२१:३४


सब्जी मंडी में सस्ती, उपनगरों में महंगी है सब्जियां

१६ जनवरी २०१६ २१:५०:३४ bhaskar

लोअरबाजारसब्जी मंडी में गृहणियों के लिए सबसे अधिक सस्ती सब्जियां हैं। शहर के अन्य जगह की बात करें तो बसस्टैंड, राम बाजार, छोटा शिमला, कसुंपटी, संजौली, न्यू शिमला, बालूगंज, समरहिल, पंथाघाटी उपनगरों में सब्जियां मनमाने दामों पर बिक रही हैं। संजौली सहित कई स्थानों में कुछ सब्जियों की दुकानों फल की दुकानों पर रेट लिस्ट नहीं हैं। दुकानदार मनमाने दामों पर सब्जियां बेच रहे हैं। न्यू शिमला में भी सब्जियां अलग-अलग स्थानों में मनमाने दामों में बिक रही हैं। सब्जी मंडी में मटर 40 रुपए, टमाटर 30 रुपए, बंद गोभी 10 रुपए, फुल गोभी दस रुपए, शिमला मिर्च 40 रुपए, पालक 20 रुपए, फ्रासबीन 40 रुपए, बैंगन 20 रुपए, मशरुम 25 से 30 रुपए, मूली से 10 से 15 रुपए, मशरुम 25 से 30 रुपए, गाजर 10से 20 रुपए, घीया 30 रुपए, शलगम 10 रुपए, आलु 10 रुपए, प्याज 25 रुपए, अदरक 60 रुपए किलो बिक रहा है। समरहिल में मटर 50 रुपए, टमाटर 40 रुपए, आलू 15, घीया 30, प्याज 30, गाजर 20, बीन 50 रुपए के हिसाब से बिके। संजौली में मटर 40 रुपए, टमाटर 40, फुल्ल गोभी 30, भिंडी 80, बीन 40 शिमला मिर्च 60 रुपए सहित अलग -अलग दामों में सब्जियां बिक रही है। कसुंपटी में मटर 50 रुपए, टमाटर 40,...

Vice null Time१६ जनवरी २०१६ २१:५०:३४


खूंब मधुमक्खी पालन का काम भी करें किसान : डॉ. आत्मप्रकाश

०६ जनवरी २०१६ २३:२२:०८ bhaskar

बागवानीविभाग की ओर से किसान जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत गांव घिराय के किसान प्रदीप के खेत में कैंप लगाया गया। इस अवसर पर उद्यान एवं बागवानी विभाग के उपनिदेशक डाॅ. आत्मप्रकाश ने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि वे खेती के साथ साथ मधुमक्खी पालन एवं खूंब उत्पादन जैसे कार्य भी करें। इन कार्यों से किसान अच्छी आय अर्जित कर सकता है। इसके साथ सभी किसान आपस में समूह का गठन करें अपने उत्पाद समूह में ही बेचें। इस तरह से वे अपने उत्पादों का सही मूल्य ले सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी डाॅ. भूपेंद्र सिंह दूहन ने किसानों को विभागीय स्कीमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को बागवानी की तरफ आकर्षित करने के लिए बागवानी विभाग द्वारा विभिन्न स्कीमों के अंतर्गत 25 से 100 प्रतिशत तक अनुदान राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के किसानों के लिए विभाग द्वारा मशरूम उगाने मधुमक्खी पालन पर अनुदान राशि मिलती है। उन्होंने कहा कि किसान संरक्षित खेती करें। जिसमें विभाग द्वारा 65 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। हिसार जिले के घिराय गांव में सबसे...

Vice null Time०६ जनवरी २०१६ २३:२२:०८


होम साइंस कॉलेज में मशरूम के बीज रोपे

३० दिसंबर २०१५ ००:२६:५२ bhaskar

होशंगाबाद | होम साइंस कॉलेज में मंगलवार का मशरूम उत्पादन का तीसरा चरण पूरा हुआ। प्लास्टिक के बैग में मशरूम बीजों को भूसे के साथ रोपा गया। सोमवार को भूसा को गीला कर कीटनाशक उपचार किया गया था। केसला ब्लॉक से विषय विशेषज्ञ अरुण चौरे ने पहले बैग में बीच रोपित किए। इसके बाद कॉलेज से बागवानी में पारंगत कर्मियों ने बैग भरे। प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन ने बताया फसल को तैयार होने के बाद प्रधान संस्थान केसला को बेचा जाएगा।

Vice null Time३० दिसंबर २०१५ ००:२६:५२


घर पर बनाएं हक्का मशरूम

३० सितंबर २०१५ १६:०६:२८ दैनिक सवेरा

अगर आप अपने पति या परिवार वालों को खुश करना चाहती हैं तो हक्का मशरूम बना सकती है, जिसे नूडल्‍स या फ्राइड राइस के साथ सर्व किया जा सकता है। यह हेल्‍दी मील घर पर हर किसी को पसंद आएगी। मशरूम मंचूरियन हो या फिर मशरूम की सब्जी, यहस भी को बेहद पसंद आती है।

Vice null Time३० सितंबर २०१५ १६:०६:२८