आखिर... प्रेमी के साथ कहां गई असिस्टेंट प्रोफेसर, पुलिस ने की फाइल बंद!

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१६ अप्रैल २०१८ १६:४६:०९ Jagran Hindi News - punjab:amritsar

प्रेमी के साथ जीएनडीयू कैंपस से गई असिस्टेंट प्रोफेसर का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उसके प्रेमी ने आत्महत्या कर दी थी, जबकि उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पर पूर्ण लेख आखिर... प्रेमी के साथ कहां गई असिस्टेंट प्रोफेसर, पुलिस ने की फाइल बंद!

Vice सभी समाचार Time१६ अप्रैल २०१८ १६:४६:०९


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आखिर प्रेमी के साथ कहां गई असिस्टेंट प्रोफेसर, बना रहस्य...

3.2529964 ०३ मार्च २०१८ ०७:३२:५६ Jagran Hindi News - punjab:amritsar

गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी कैंपस से अपने प्रेमी के साथ कार में सवार होकर गई असिस्टेंट प्रोफेसर आखिर कहां गई। यह अभी तक रहस्य बना हुआ है।

Vice सभी समाचार Time०३ मार्च २०१८ ०७:३२:५६


पुलिस नहीं समझ पा रही अाखिर कहां गई हनीप्रीत, ढूंढने गई टीम लौटी

1.3503171 ०५ सितंबर २०१७ १६:५५:५८ Jagran Hindi News - haryana:panchkula

गुरमीत राम रहीम की गाेद ली बेटी हनीप्रीत का पता लगाने में हरियाणा पुलिस अब तक नाकाम रही है। उसकी तलाश में भारत-नेपाल बार्डर गई पुलिस टीम भी वापस लौट आई है।

Vice सभी समाचार Time०५ सितंबर २०१७ १६:५५:५८


परीक्षा कराते समय असिस्टेंट प्रोफेसर को पुलिस ले गई

1.2424376 ०७ अक्‍तूबर २०१६ ००:५१:२१ bhaskar

सागर| डॉ. हरी सिंह गौर विश्वविद्यालय में फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोपी निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष अहिरवाल को गुरुवार को परीक्षा हाल से सिविल लाइन पुलिस उठा ले गई। पुलिस उन्हें दो बार नोटिस जारी कर चुकी थी, लेकिन वह थाने में बयान देने हाजिर नहीं हाे रहे थे। डॉ. अहिरवाल के साथ ही उपकुलसचिव सतीश कुमार को भी हाजिर होने को कहा गया था। वह भी दो बार बुलाने के बाद अब तक पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए हैं। विश्वविद्यालय नियुक्ति घोटाले में अभी तक सिर्फ सीबीआई जांच ही चल रही थी। अब पुलिस ने इस मामले में इस तरह से अपनी शुरुआत की। इसके बाद ऐसे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, जिनके दस्तावेज कूटरचित, झूठे होने के आरोप लगते रहे हैं। इनके संबंध में प्रमाण भी दिए जा चुके हैं। एक माह से कर रहे थे इंतजार - सिविल लाइन पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 3 सितंबर को नोटिस जारी कर डॉ. अहिरवाल और उपकुलसचिव सतीश को हाजिर होने को कहा था, लेकिन वह नहीं आए। सोमवार को जब पुलिस नोटिस देने पहुंची तो काफी न नुकुर के बाद दोनों के नोटिस रिसीव हुए थे। सीएसपी...

Vice null Time०७ अक्‍तूबर २०१६ ००:५१:२१


आखिर कहां गई इजिप्टएयर की फ्लाइट, रहस्य

0.9867984 २० मई २०१६ ०५:१३:२७ Navbharat Times

पैरिस से काहिरा आ रही इजिप्टएयर की फ्लाइट 804 का संपर्क गुरुवार को रेडार से टूट गया था। उसके बाद से इस फ्लाइट के बारे में कुछ भी पता नहीं है। इस फ्लाइट में चालक दल और सिक्यॉरिटी गार्ड समेत 66 लोग सवार थे। इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि यह प्लेन भूमध्य सागर में क्रैश कर गया है और इसके अवशेष भी बरामद किए गए हैं।पैरिस से काहिरा आ रही इजिप्टएयर की फ्लाइट 804 का संपर्क गुरुवार को रेडार से टूट गया था। उसके बाद से इस फ्लाइट के बारे में कुछ भी पता नहीं है। इस फ्लाइट में चालक दल और सिक्यॉरिटी गार्ड समेत 66 लोग सवार थे। इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि यह प्लेन भूमध्य सागर में क्रैश कर गया है और इसके अवशेष भी बरामद किए गए हैं।

Vice सभी समाचार Time२० मई २०१६ ०५:१३:२७


आखिर कहां है ट्रैफिक पुलिस

0.9867984 ०७ नवंबर २०१५ २३:५५:२१ bhaskar

स्टॉपर के बावजूद भीड़ में घुस रहे वाहन, लग रहा जाम दिवाली की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ रही है लेकिन ट्रैफिक जवान कहीं नजर नहीं आ रहे। नतीजतन स्टॉपर के बाद भी ऑटो सहित अन्य वाहन प्रवेश कर रहे हैं और बार-बार जाम लग रहा है। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ेगी। इससे व्यवस्था और गड़बड़ाएगी। दिवाली की ग्राहकी के दौरान ट्रैफिक पुलिस सिर्फ ट्रैफिक प्लान बनाकर और स्टॉपर लगाकर भूल गई। ट्रैफिक जवानों की तैनाती नहीं होने से स्टॉपर के बाद भी वाहन आ-जा रहे हैं और जाम लग रहा है। शनिवार को दिनभर में कई बार जाम लगा और लोग फंसे रहे। सोमवार से माणकचौक एवं आसपास के बाजार नो व्हीकल जोन रहेंगे। ऐसे हो सकता है समस्या का हल

Vice null Time०७ नवंबर २०१५ २३:५५:२१


असिस्टेंट प्रोफेसर की बहन ने प्रोफेसर के घर में की आत्महत्या

0.89888453 १८ सितंबर २०१५ ०१:२५:५७ bhaskar

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय कैंपस स्थित एक प्रोफेसर के घर में 22 वर्षीय एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। घटना गुरुवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की है। मृतक प्रियंका विश्वविद्यालय में ही कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार की बहन है। जिस घर में प्रियंका ने आत्महत्या की वह विवि के मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक प्रो. एसजे सिंह का आवास है। हालांकि वह पिछले दो-तीन माह से इलाज के लिए विवि से बाहर हैं। प्रियंका विश्वविद्यालय में एमएसडब्ल्यू प्रथम सेमेस्टर की छात्रा थी। वह यहीं के गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। प्रोफेसर के जिस घर में उसने सुसाइड किया वह हॉस्टल गेट के ठीक सामने ही है। घटना की सूचना मिलते ही कैंपस में सनसनी फैल गई। विवि के शिक्षक एवं अधिकारी यहां पहुंचे। उन्होंने शिक्षक डॉ. कुमार को ढांढस बंधाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने वस्तु स्थिति का जायजा लिया। आत्महत्या का कारण फिलहाल अज्ञात है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा। मृतका प्रियंका सागर. विवि केम्पस में स्थित प्रोफेसर वह मकान जहां युवती पेड़ पर फांसी लगाई। मैं कभी-कभी आता रहता हूं इस घर में...

Vice null Time१८ सितंबर २०१५ ०१:२५:५७


अपहरण मामले में आखिर कहां चूक गई पुलिस

0.8932752 ०५ मई २०१५ ००:०३:१२ bhaskar

रांची | गुमलाजिला स्थित सदर अस्पताल के आरसीएच (रूरल चाइल्ड हेल्थ) अफसर डॉ. आरबी चौधरी के अपहरण की घटना के बाद अपहर्ताओं द्वारा उन्हें मौत के घाट उतारने के वारदात ने पुलिस को सकते में डाल दिया है। जिस तरह से अपहृत चिकित्सक की मौत की सूचना आने के तुरंत बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और इसके साथ ही उस बोलेरो वाहन को भी जब्त कर लिया जिसमें डॉक्टर को अपहरण के बाद ले जाया गया था। इससे कहीं कहीं यह संकेत मिलता है कि पुलिस गिरोह के काफी नजदीक पहुंच चुकी थी। इसके बावजूद पुलिस डॉक्टर को नहीं बचा पाई और उनकी हत्या हो गई। इससे अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर पुलिस कहां चूक गई। संभावना व्यक्त की जा रही है कि गिरोह के सदस्यों को यह अनुमान लग गया था कि पुलिस उनके काफी निकट पहुंच चुकी है। इसकी वजह से वे अब पुलिस की गिरफ्त में सकते हैं। इसलिए उन्होंने चिकित्सक की हत्या कर दी। अगर यह बात सही है तो इसका मतलब यह है कि पुलिस का प्लान फूल प्रूफ नहीं था और वह लीक हो गया था। हालांकि जिस तरह से चिकित्सक की हत्या के पहले उन्हें टार्चर करने की बात सामने रही है उससे यह भी...

Vice null Time०५ मई २०१५ ००:०३:१२


अनट्रेस बताकर फाइलें बंद, पुलिस बताए-कहां गए जिले के 69 लोग

0.8818298 १८ दिसंबर २०१४ २२:४२:५६ bhaskar

बारादरीगार्डन में सीपीआई (एमएल) न्यू-डेमोक्रेसी की ओर से जिले में लापता लोगों अंधे कत्ल के मामलों में पीड़ितों के पारिवार वालों के साथ बैठक की। पार्टी नेता कुलविंदर सिंह वड़ैच जसवीर दीप ने बताया कि जिले से पिछले करीब चौदह सालों (2001 से लेकर अक्तूबर 2014) में 69 लोग लापता हुए हैं। इनके बारे में अभी तक पुलिस कुछ भी नहीं पता लगा पाई है। इसके अलावा 33 ऐसे अंधे कत्ल के मामले हैं, जिन्हें पुलिस ने अनट्रेस बताकर फाइलें बंद कर दी हैं। हालात यह हैं कि जिन लोगों ने हत्या की है वे पुलिस की गिरफ्त कानून के डर से बेखौफ घूम रहे हैं। इस लिए एेसे हत्यारों का सलाखों के पीछे जाना बेहद जरूरी है। बताया कि लापता लोगों का पता लगाने अंधे कत्ल मामलों को ट्रेस करने को लेकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। यहां अवतार तारी गुरप्रीत उसमानपुरी भी मौजूद थे। भाई की खोज में विदेश छोड़ा गांवफतेहपुर के रहने वाले लखविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने भाई की खोज में विदेश छोड़ दिया है। उनका भाई जसविंदर सिंह (32) 4 अप्रैल 2014 को घर से निकला था, जबकि उसका मोबाइल फोन उनकी दुकान...

Vice null Time१८ दिसंबर २०१४ २२:४२:५६


आखिर कहां है इंदौर पुलिस?

0.86344856 २९ सितंबर २०१४ २३:४२:१० bhaskar

चार व्यस्त चौराहे, और पुलिस की हकीकत शहरमें बढ़ रही हादसों की संख्या के बावजूद पुलिस और ट्रैफिक की कार्यप्रणाली सुस्त ही पड़ी है। चौराहों पर ज्यादातर जवान बुत की तरह खड़े नजर आते हैं। उनके सामने से प्रतिबंध के बावजूद दिन में लोडेड ट्रक निकल जाए या फिर कोई सिग्नल तोड़ दे, कोई फर्क नहीं पड़ता। मुहिम के नाम पर सक्रिय होकर दिखावा करते हैं और फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। ऐसे ही पुलिसकर्मियों के सामने स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर चौराहा क्रॉस कर रहे हैं। सिग्नल तोड़ने वालों पर कोई सख्ती और जेब्रा क्रॉसिंग के आगे आकर बीच सड़क पर खड़े होने वालों पर..। बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की लचर कार्यप्रणाली हर दिन की तरह सोमवार को भी चौराहों पर अपने पुराने अंदाज में ही पसरी नजर आई। एक जवान सब कुछ नहीं कर सकता ^बेतरतीबवाहन चलाने, जेब्राक्रॉसिंग पर वाहन खड़े होने और अन्य ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई होती है। शहर में ट्रैफिक लोड बढ़ा है, चौराहों पर किसी एक जवान से सारे नियम पालन करवाना संभव नहीं है। -अंजनातिवारी, एएसपीट्रैफिक कानून नहीं लगा सकता...

Vice null Time२९ सितंबर २०१४ २३:४२:१०


24 असिस्टेंट प्रोफेसरों का डिप्लॉयमेंट

0.8529634 १९ सितंबर २०१४ २२:४१:१८ bhaskar

नसं. भोपाल | उच्चशिक्षा विभाग ने कॉलेजों के दो दर्जन असिस्टेंट प्रोफेसरों का डिप्लॉयमेंट कर दिया है। यह शिक्षक अगले दो महीने तक नजदीक के कॉलेजों में जाकर पढ़ाएंगे। इनका डिप्लॉयमेंट 22 सितंबर से शुरू होगा। विभाग ने कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने में होने वाली देरी को देखते हुए प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों को दो महीने के लिए नजदीक के कॉलेज में पढ़ाने के लिए भेजने का निर्णय लिया है। इसके आदेश शुक्रवार को जारी हुए हैं।

Vice null Time१९ सितंबर २०१४ २२:४१:१८