मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पानी को तरस रहे लोग, रोजमर्रा की जिंदगी हो रही है प्रभावित

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१६ अप्रैल २०१८ १६:३१:३४ Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city

बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र में लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पानी की किल्लत से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। पर पूर्ण लेख मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पानी को तरस रहे लोग, रोजमर्रा की जिंदगी हो रही है प्रभावित

Vice सभी समाचार Time१६ अप्रैल २०१८ १६:३१:३४


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लोग तरस रहे हैं और यहां नर्मदा केनाल से हो रही है पानी की चोरी

1.3288941 ३१ मई २०१७ १६:२३:१८ bhaskar

नसवाड़ी। इस इलाके के बहुत ही करीब से राज्य की जीवन रेखा यानी नर्मदा केनाल गुजरती है। इस केनाल से इस समय सौराष्ट्र तक पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। फिर भी राज्य के कई जिलों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। दूसरी ओर इस केनाल से बिंदास पानी की चोरी हो रही है। किसानों को भी पानी नहीं मिल रहा है… राज्य के किसानों को उनकी फसल को बचाए रखने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। कई जिले सूखे की चपेट में हैं, सरकार की निष्क्रियता के कारण लोग पानी की चोरी कर रहे हैं। इस संबंध में टेंकर चालक का कहना है कि पानी की चोरी नहीं हो रही है, उस पानी का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जा रहा है। चालक के इस बयान से आश्चर्य होता है कि सड़क निर्माण आवश्यक है या लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराना आवश्यक है। 30 अप्रैल के बाद नर्मदा का पानी बंद होता है सामान्य रूप से 30 अप्रैल के बाद नर्मदा केनाल का पानी छोटी-बड़ी केनाल में छोड़ना बंद कर दिया जाता है। उसी तरह नर्मदा निगम के अधिकारी द्वारा मेन केनाल पर चेकिंग करते हुए किसानों द्वारा लगाई गई मशीन हटाने का निर्देश दिया जाता है।...

Vice null Time३१ मई २०१७ १६:२३:१८


लातूर: पानी को तरसते हैं लोग, मंत्री के लिए बहा हजारों लीटर पानी

1.2218931 १५ अप्रैल २०१६ १६:४२:५९ Jagran Hindi News - news:national

एक तरफ जहां मराठवाड़ा के लातूर जिले में लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं और उनकी ये भयावह स्थिति को देखते हुए सांगली के मिराज से ट्रेन के जरिए पानी पहुंचाया गया।

Vice सभी समाचार Time१५ अप्रैल २०१६ १६:४२:५९


लातूर: लोग पानी को तरस रहे, मंत्री के लिए बहा 10,000L

1.1390522 १५ अप्रैल २०१६ १५:३१:३३ Navbharat Times

सूखे की मार झेल रहे मराठवाड़ा के लातूर जिले में पानी की बर्बादी का बड़ा मामला सामने आया है। 'पानी की बर्बादी' का यह आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एकनाथ खडसे पर लगा है। खडसे का हेलिकॉप्टर लैंड करवाने के लिए हेलिपैड बनाया गया, जिसमें लगभग 10 हजार लीटर पानी यूज किया गया।सूखे की मार झेल रहे मराठवाड़ा के लातूर जिले में पानी की बर्बादी का बड़ा मामला सामने आया है। 'पानी की बर्बादी' का यह आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एकनाथ खडसे पर लगा है। खडसे का हेलिकॉप्टर लैंड करवाने के लिए हेलिपैड बनाया गया, जिसमें लगभग 10 हजार लीटर पानी यूज किया गया।

Vice सभी समाचार Time१५ अप्रैल २०१६ १५:३१:३३


उमा भारती के संसदीय क्षेत्र में लोग पानी को तरसे

1.0736141 २४ फ़रवरी २०१६ ०७:५३:०८ Loktej

ललितपुर। वेंâद्रीय जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्री उमा भारती के संसदीय क्षेत्र में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। लोगों ने अपना दल के जिलाध्यक्ष जितेंद्र िंसह पटेल के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि वेंâद्रीय जल संसाधन मंत्री ललितपुर की सांसद

Vice null Time२४ फ़रवरी २०१६ ०७:५३:०८


ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को तरसे लोग

1.0107825 २६ नवंबर २०१५ २१:०१:०२ Jagran Hindi News - uttarakhand:haridwar

जागरण संवाददाता, हरिद्वार: हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में पीने का साफ पानी तलाशना अमृत खोजने जैसा है

Vice सभी समाचार Time२६ नवंबर २०१५ २१:०१:०२


मंत्री जी... आपके गोद लिए गांव में सड़क नहीं, बिजली और पानी को तरस रहे लोग

1.0107825 ०२ सितंबर २०१५ २३:२८:३९ bhaskar

आशीष दुबे | बिलासपुर 9907901010 इसे जिम्मेदार अधिकारियों की निरंकुशता कहें या बहतराई और इसके आस-पास रहने वाली दस हजार जनता का दुर्भाग्य। विधायक आदर्श ग्राम योजना के तहत गांव को मंत्री अमर अग्रवाल द्वारा गोद लेने के बावजूद पब्लिक मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है। चलने को सड़क नहीं है। पेयजल के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। बिजली गुल हुई तो अंदाजा लगाना मुश्किल है कि कब आएगी। इसके कारण नागरिकों को परेशानी हो रही है। डीबी स्टार टीम ने पड़ताल में पाया कि आधा दर्जन कॉलोनियां, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, मौसम विज्ञान केंद्र और दूसरे सरकारी दफ्तर होने के बाद अधिकारी क्षेत्र की उपेक्षा कर रहे हैं। बिलासपुर-बहतराई मुख्य मार्ग पर सबसे अधिक परेशानी सीसी रोड की है, जिसके हालात बदतर हो चुके हैं। जगह-जगह चार से छह फीट गड्‌ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा हो गया है। हैरत की बात यह कि इनके किनारों पर लोगों ने मलबे और निर्माण सामग्रियां डंप कर रखी हैं, जिसके कारण आने-जाने वालों को तकलीफ होती है। इसमें गीतांजलि सिटी, प्रगति विहार, गृह निर्माण मंडल काॅलोनी, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल...

Vice null Time०२ सितंबर २०१५ २३:२८:३९


दिनभर बिजली रही गुल, पानी को भी तरसे लोग

1.0107825 ०७ अप्रैल २०१५ २३:२८:३६ bhaskar

मंगलवार को बिजली कंपनी ने छह घंटे बिजली कटौती का शेड्यूल जारी किया। शेड्यूल का टाइम हकीकत में एक घंटा ज्यादा निकला। कटौती से प्रभावित एक लाख लोगों के घरों की बिजली गई तो सुबह ठीक दस बजे लेकिन पांच बजे से पहले नहीं आई। वहीं इन सात घंटों के दौरान घरों में तो लोगों को बिना बिजली रहना ही पड़ा वहीं बाजारों में भी इसका प्रभाव पड़ा। दुकानों और प्रतिष्ठानों के पावर बैकअप भी जवाब दे गए। वहीं लोग पानी के लिए भी परेशान होते रहे। बिजली कंपनी ने 132 केवी उपकेंद्र शर्मा फार्म पर तीन करंट ट्रांसफार्मर बदलने के लिए सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक बिजली कटौती की घोषणा की थी। इसके अलावा दक्षिण क्षेत्र में गिरवाई सब स्टेशन पर बिजली कंपनी ने मोंटे कार्लो काे परमिट दिया था। मोंटे कार्लो को अपने पुराने काम में ही फिनिशिंग वर्क पूरा करना था। इन दोनों क्षेत्रों में इस कटौती ने सात घंटे तक एक लाख लोगों को प्रभावित किया। बड़ी कटौती नहीं होना चाहिए

Vice null Time०७ अप्रैल २०१५ २३:२८:३६


चंबल के किनारे बसे मेहतवास क्षेत्र के लोग पानी के लिए तरसे

1.0107825 १४ जनवरी २०१५ ००:०६:४८ bhaskar

नपाचुनाव के पूर्व हमारे घरों में बगैर मोटर के पर्याप्त पानी रहा था। लेकिन जैसे ही मतगणना हुई हम बूंद-बूंद पानी को तरस गए है। क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि तुमने कांग्रेस का पार्षद जिताया तो अब पानी भी वहीं लाकर देगा। मंगलवार को भास्करटीमके समक्ष यह पीड़ा चंबल किनारे बसे वार्ड 35 क्षेत्र के मेहतवास के नागरिकों ने व्यक्त की। क्षेत्र के सुभाष श्रीवास्तव अन्य वार्डवासियों के अनुसार राजनीतिक द्वेषता के कारण नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है। कहने को हमारा क्षेत्र नदी किनारे बसा है। बावजूद हम प्यासे है। जबकि क्षेत्र से लगी ग्रेसिम उद्योग के स्टॉफ कॉलोनियों में पर्याप्त जल प्रदाय किया जा रहा है। लेकिन उनके क्षेत्र में बमुश्किल 10 से 15 मिनट पानी इतने कम प्रेशर से दिया जा रहा है कि पीने के लिए दो बाल्टी पानी भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में दैनिक जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए मशक्कत करने को नागरिक मजबूर है। वालमें की कारस्तानी-क्षेत्र केनागरिकों का सवाल है कि ऐसा क्या कारण है कि मतगणना के पूर्व तक उन्हें मिल रहा...

Vice null Time१४ जनवरी २०१५ ००:०६:४८


....तो पानी की एक बूंद को भी तरस जाएंगे लोग, पानी में हो रही आॅक्सीजन की कमी

0.9644024 ०१ अक्‍तूबर २०१४ ०२:०७:२९ bhaskar

रसल चौक जो कि शहर का एक जाना-माना नाम है। यहां आस-पास होटलें हैं, अस्पताल हैं और रहवासी अपार्टमेंट हैं, लेकिन अफसोस कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत हो जाएगी। लोग पानी की एक स्वच्छ बूंद को भी तरसेंगे। वजह यहां आस-पास सड़क पर अतिक्रमण कर लगाई गई वाहन रिपेयरिंग की दुकानें होना हैं। इन दुकानों के जरिये वाहनों से निकलने वाला तेल सालों से जमीन के भीतर समा रहा है और ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर उसे प्रदूषित कर रहा है। जबलपुर. यदि देखा जाए तो रसल चौक से लेकर चौथा पुल तक सड़क के दोनों तरफ वाहन रिपेयरिंग की करीब एक दर्जन से अधिक दुकानें सड़कों पर फैली पसरी हैं। यदि जल्द ही दुकानों का संचालन बंद न हुआ तो यह लोगों की जान से खिलवाड़ होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी यह दावा किया है कि दुकानों से निकलने वाला तेल जब बारिश के पानी में बहकर नाली में और उसके बाद नदियों में जाता है तो हजारों-लाखों का जीवन प्रभावित करता है। पीने के पानी में तेल नहीं होना चाहिए। यदि पीने के पानी में तेल मिल जाए तो उसे साफ करना काफी कठिन होता है। ऐसे जा रहा...

Vice null Time०१ अक्‍तूबर २०१४ ०२:०७:२९


पानी के लिए तरसते रहे लोग

0.9492101 ०४ सितंबर २०१४ २२:१२:०६ Jagran Hindi News - jammu-and-kashmir:rajouri

संवाद सहयोगी, नौशहरा : पीएचई विभाग की हड़ताल का कस्बे में व्यापक असर देखने को मिला। तीन दिनों से पानी की आपूर्ति ठप रहने की वजह से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटकते रहे। नहाने, कपड़े धोने और पीने के लिए पानी की व्यवस्था करने में लोगों को कापी दिक्कतें हुईं। स्थानीय निवासी बशीर भट्टं, रतन लाल शर्मा, विनोद कुमार आदि ने बताया कि पिछले तीन दिनों से चल रही हड़ताल के कारण घरों में पीने का पानी समाप्त हो गया। ऊपर हो रही बारिश के कारण घरों से निकाला भी मुशकिल हो गया है। ड़ताल के कारण आम जीवन पर

Vice सभी समाचार Time०४ सितंबर २०१४ २२:१२:०६