उन्नीस साल की उम्र से लाल सलाम बोलने लगा था कुनू

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१६ अप्रैल २०१८ १५:०४:०५ Jagran Hindi News - odisha:sambalpur

धनु ने पुलिस को बताया कि तीन बहनों में इकलौता कुनू हाईस्कूल की परीक्षा में फेल होकर घर में बेकार बैठा था। पर पूर्ण लेख उन्नीस साल की उम्र से लाल सलाम बोलने लगा था कुनू

Vice सभी समाचार Time१६ अप्रैल २०१८ १५:०४:०५


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इस बुजुर्ग के जज्बे को सलाम, 98 साल की उम्र में बनाया ये रिकॉर्ड

1.1358843 २७ सितंबर २०१७ १६:५३:४८ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

पढ़ाई लिखाई की कोई उम्र और समय सीमा नहीं होती, इस बात को एक 98 साल के बुजुर्ग ने हकीकत में साबित कर दिखाया है। जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद 98 साल की उम्र में पटना के नालंदा विश्वविद्यालय से एम ए पास कर रिकॉर्ड कायम कर दिया।

Vice null Time२७ सितंबर २०१७ १६:५३:४८


सलाम: 98 साल की उम्र में ली MA की डिग्री

0.9273942 २६ सितंबर २०१७ १२:१३:४० Navbharat Times

जीवन के 98 बसंत पूरे कर चुके राजकुमार वैश्‍य के शिक्षा के प्रति जुनून को सलाम। जिस उम्र में लोग ईश्‍वर का नाम लेते हैं, उसमें उन्‍होंने पोस्‍टग्रैजुएट करने की ठानी और सोमवार को उसे पूरा कर दिखाया। राजकुमार की लंबे समय से तमन्‍ना थी कि नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्‍स में एमए किया जाए।

Vice सभी समाचार Time२६ सितंबर २०१७ १२:१३:४०


106 साल की उम्र को सलाम, माली देवी देख चुकी हैं हर मतदान

0.9087075 ०५ फ़रवरी २०१७ ०३:५६:४१ bhaskar

लुधियाना। बेशक उम्र के लिहाज से आवाज में लड़खड़ाहट आ गई, लेकिन 106 साल की माली देवी के जज्बात नई उम्र के लोगों से भी जवां हैं। इस विधानसभा चुनाव में भी वोट डालने का जज्बा था, लिहाजा बच्चों का सहारा लेकर पोलिंग बूथ तक पहुंचीं। 1912 में जन्मी माली देवी पहले आम चुनाव में 40 साल की थी। अभी तक हर विधानसभा चुनाव में मतदान कर चुकी माली देवी कहती हैं जब तक जिंदगी है वोट डालती रहूंगी। समराला चौक के पास गुरु अर्जुन देव में भाई मोहकम सिंह पोलिंग स्टेशन पर जैसे ही माली देवी पहुंची तो बीएलओ परमजीत डोगरा ने उन्हें फूल देकर सम्मानित किया। इस बार माली देवी जैसे सीनियर सिटीजन को पोलिंग स्टेशनों पर वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने से उनके बेटे खुशीराम बेहद खुश थे। बताने लगे कि चुनाव आयोग के इस कदम से हमारे परिवार के सभी मेंबरों का सम्मान बढ़ा। उनके पोते पवन कुमार की पत्नी मोनिका ने उत्साहित होकर कहा कि ऐसे बुजुर्ग ही मतदान कर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। काबिलेजिक्र है कि माली देवी ने तमाम चुनावों में मतदान किया। पिछले नगर निगम चुनाव में तबियत खराब होने...

Vice null Time०५ फ़रवरी २०१७ ०३:५६:४१


उम्र के जज्बे को सलाम, 102 साल में भी जारी रखेंगे पढ़ाना

0.833535 २२ दिसंबर २०१६ १८:३४:१८ Live Hindustan Rss feed

एक मशहूर कहावत है कि उम्र केवल एक सोच है, अगर आप उम्र की परवाह नहीं करते हुए कुछ भी करने का जोश और जज्बा रखते हैं तो कोई आपको रोक नहीं सकता। 102 साल की उम्र में भी विश्वविद्यालय जाकर पढ़ाने का ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक डेविड गुडाल का जुनून इसका बेहतरीन उदाहरण है।

Vice सभी समाचार Time२२ दिसंबर २०१६ १८:३४:१८


शहादत को सलाम: 27 साल की उम्र में देश पर कुर्बान, पत्नी भी पुलिस में

0.8046564 २९ अक्‍तूबर २०१६ १८:५९:२७ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

शहीद मंदीप की कहानी अपने आप में अद्भुत है। वो खुद सीमा पर देश की सेवा करते थे तो उनकी पत्नी भी पुलिस में कांस्टेबल पद पर तैनात है।

Vice null Time२९ अक्‍तूबर २०१६ १८:५९:२७


कुंजाम की रैली का फिर विरोध, कमिश्नर ऑफिस के सामने लगे लाल सलाम के नारे

0.7933482 १७ जून २०१६ ०२:३७:४३ bhaskar

रायपुर/जगदलपुर. अखिल भारतीय महासभा के संयोजक मनीष कुंजाम गुरूवार को अपनी सभाओं में हो रहे विरोध प्रदर्शन के खिलाफ एक रैली निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने कमिश्नर कार्यालाय पहुंचे। कुंजाम की शिकायत थी कि सुकमा से लेकर बस्तर तक में पुलिस उनकी सभाओं और रैलियों में किराए के लोगों को भेजकर विरोध करवाती है। इसी बात को लेकर वे कमिश्नर कार्यालय के बाहर भाषण दे ही रहे थे कि फिर से उनके विरोध में दर्जनों लोग यहां भी पहुंच गए। विरोध करने वालों का कहना था कि कुंजाम नक्सली समर्थक हैं और वे नक्सलियों से पीड़ित लोगों की आवाज बुलंद नहीं करते हैं। लाल सलाम जैसे नारे भी लगे... मनीष कुंजाम वापस जाओ के नारे गूंजे - कमिश्नर कार्यालय के सामने ही करीब एक घंटे तक विरोध और समर्थन का हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस दौरान पुलिस स्थिति को काबू करने में लगी रही। स्थिति तब गंभीर हो गई जब वहां लाल सलाम के नारे भी लगे। - दरअसल आदिवासी महासभा की रैलियों और सभा में लगातार विरोध के लिए पुलिस की ओर से लोगों को भेजने और मारडूम थानेदार प्रकाश शुक्ला को तत्काल...

Vice null Time१७ जून २०१६ ०२:३७:४३


92 साल के अच्युतानंदन ने दिखाया कमाल, केरल ने कहा लाल-सलाम

0.77282846 १९ मई २०१६ ०९:२९:४६ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

92 साल के 'युवा' वेलिक्ककतु शंकरन (वीएस) अच्युतानंदन ने एक बार फिर से कमाल कर दिया है।

Vice सभी समाचार Time१९ मई २०१६ ०९:२९:४६


जो कभी बोलते थे लाल सलाम, अब लगा रहे जयहिंंद-जय भारत के नारे

0.77282846 ०७ मार्च २०१६ ००:४६:४३ bhaskar

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 284 किमी दूर जगदलपुर में नक्सली हिंसा के बीच बस्तर बदल रहा है। पहले जिन गांवों में लाल सलाम के नारे लगा करते थे अब वहां जयहिंद, जय भारत और भारत माता की जय जैसे नारे गूंज रहे हैं। गांव-गांव में युवा जो कभी जंगलाें और गांव में फोर्स के जवानों की पहुंचने की खबर लाल लड़ाकों तक पहुंचाते थे आज वही युवा फोर्स की मदद कर रहे हैं। जवानों को निशााना बनाने नक्सलियों के लिए सड़कों पर बारूद बिछाया करते थे, आज वे ही युवा इन गड़े बारूदों की खबर पुलिस को दे रहे हैं। गांव-गांव में अब नक्सलियों की जनअदालतें नहीं लग रही हैं। इनका स्थान पुलिस और सीआरपीएफ के सिविक एक्शन प्रोग्राम ने ले लिया है, जिनमें जमा लोग भारत माता की जय, जयहिंद और नक्सलवाद मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे हैं। खास तौर पर धुर नक्सल प्रभावित दरभा के करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों में तो अब युवाओं ने पूरी तरह ठान लिया है कि किसी भी हाल में नक्सलवाद या नक्सलियों को गांवों में घुसने नहीं देंगे। कमल मंडावी को पुलिस से मिला हौसला दरभा के कुम्माकोलेंग...

Vice null Time०७ मार्च २०१६ ००:४६:४३


जो युवा कभी बोलते थे लाल सलाम अब लगा रहे जयहिंंद-जय भारत के नारे

0.77282846 ०६ मार्च २०१६ २१:४६:११ bhaskar

मोहम्मद इमरान नेवी | जगदलपुर नक्सली हिंसा के बीच बस्तर बदल रहा है पहले जिन गांवों में लाल सलाम के नारे लगा करते थे अब वहां जयहिंद, जय भारत और भारत माता की जय जैसे नारे गूंज रहे हैं। गांव-गांव में युवा जो कभी जंगलाें और गांव में फोर्स के जवानों की पहुंचने की खबर लाल लड़ाकों तक पहुंचाते थे आज वही युवा फोर्स की मदद कर रहे हैं। गांव-गांव में जवानों को निशााना बनाने नक्सलियों के लिए सड़कों पर बारूद बिछाया करते थे, आज वे ही युवा इन गड़े बारूदों की खबर पुलिस को दे रहे हैं। गांव-गांव में अब नक्सलियों की जनअदालतें नहीं लग रही हैं। इनका स्थान पुलिस और सीआरपीएफ के सिविक एक्शन प्रोग्राम ने ले लिया है जिनमें जमा लोग भारत माता की जय, जयहिंद और नक्सलवाद मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे हैं। खास तौर पर धुर नक्सल प्रभावित दरभा के करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों में तो अब युवाओं ने पूरी तरह ठान लिया है कि किसी भी हाल में नक्सलवाद या नक्सलियों को गांवों में घुसने नहीं देंगे। कमल मंडावी को पुलिस से मिला हौसला दरभा के कुम्माकोलेंग में रहने वाला कमल मंडावी पहले नक्सलियों के लिए...

Vice null Time०६ मार्च २०१६ २१:४६:११


उन्नीस साल बाद सब्सिडी रिलीज, अब लेने वाले नहीं मिल रहे

0.77282846 ०२ मार्च २०१६ २३:०१:०१ bhaskar

इंडस्ट्रीडिपार्टमेंट इन दिनों अजीब स्थिति में फंसा है। 19 साल पहले पंजाब सरकार की तरफ से फैक्ट्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी अब रिलीज हुई है। फैक्ट्रियां बंद हो गईं हैं। अब इस सब्सिडी के हकदार लोग ढूंढे नहीं मिल रहे। जो एड्रेस उपलब्ध थे, वहां से लोग शिफ्ट कर गए हैं। अब लोगों को ढूंढने के लिए बुधवार को नोटिस जारी किया गया है। इसमें डायरेक्टर इंडस्ट्रीज तनु कश्यप ने कहा है कि सब्सिडी के हकदार लोग 7 दिन के अंदर अपने यूनिट के बैंक खातों की डिटेल लेकर इंडस्ट्री केंद्रों से संपर्क करें। वहीं, जालंधर में अब तक 66 लोगों की लिस्ट बनी है। पंजाब सरकार ने 1992 से 1996 तक इंसेेंटिव योजना शुरू की थी। जो लोग फैक्ट्री लगाते थे उन्हें 20 से 25 फीसदी सब्सिडी मिलती थी। चल रहे यूनिटों को अमृतसर, लुधियाना और मोहाली जैसे शहरों में सब्सिडी दे दी गई। जो फैक्ट्रियां बंद हो गई थीं, उनका पैसा रोक लिया गया। अब हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद इन्हें पैसा देने को सरकार राजी हुई है। अब दिक्कत यह है कि सब्सिडी के हकदार लोग मिल नहीं रहे। फैक्ट्रियां बंद करके नए एड्रेस पर गए लोगों की जानकारी...

Vice null Time०२ मार्च २०१६ २३:०१:०१