फर्जी आईएएस को मिली बेल

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१३ फ़रवरी २०१८ १९:३४:०८ Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news

धर्मशाला – फर्जी आईएएस अधिकारी बन टैक्सी चालक के साथ धोखाधड़ी करने वाली युवती को मंगलवार को न्यायालय से बेल मिल गई है। पुलिस ने आरोपी युवती को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया था। इससे पहले सोमवार को न्यायालय ने एक दिन की पुलिस हिरासत में आरोपी युवती को भेजा था। युवती के खिलाफ The post फर्जी आईएएस को मिली बेल appeared first on Divya Himachal: No. 1 in Himachal news - News - Hindi news - Himachal news - latest Himachal news . पर पूर्ण लेख फर्जी आईएएस को मिली बेल

Vice null Time१३ फ़रवरी २०१८ १९:३४:०८


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सीबीआई को घूस देने के मामले में आईएएस अग्रवाल को मिली बेल

2.603561 ०५ मई २०१७ ०१:०४:१८ bhaskar

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली /रायपुर डेढ़ करोड़ रुपए घूस देने के आरोप में 70 दिनों पहले सीबीआई के फंदे में फंसे छत्तीसगढ़ के आईएएस बीएल अग्रवाल सहित आनंद अग्रवाल, भगवान सिंह और सैयद बुरहानुद्दीन को गुरुवार को पटियाला कोर्ट ने एक-एक लाख रुपए की बांड राशि के साथ सशर्त जमानत दे दी है। जज बीरेन्द्र कुमार गोयल की कोर्ट ने इन लोगों से अपना-अपना पासपोर्ट जमा करवाते हुए गवाहों को न धमकाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही जांच अधिकारी के बुलाने पर सभी को दिल्ली में हाजिरी भी देनी होगी। वैसे, कोर्ट में गुरुवार को सिर्फ भगवान सिंह और सैयद बुरहानुद्दीन की बेल पर सुनवाई होनी शेष|पेज 9 थी, लेकिन बाद में जज ने जब यह कहा कि किसी और की बहस रह गई हो तो वह बता दें। इसी दौरान अग्रवाल की तरफ से बात रखी गई और लगभग 3 घंटे की सुनवाई के बाद जज ने 5 बजे के बाद जो फैसला सुनाया । वहीं सीबीआई के आईओ ने 173/7 के तहत कोर्ट में एक आवेदन भी दिया जिस पर शुक्रवार को आर्डर किया जाएगा कि जांच के दौरान जो भी दस्तावेज जुटाए गए हैं उसमें इन लोगों के मांगने पर भी ये दस्तावेज नहीं दिए जाएं। इससे पहले सीबीआई ने 21...

Vice null Time०५ मई २०१७ ०१:०४:१८


बेली रोड पुल के नीचे जख्मी मिला रिटायर्ड आईएएस का बेटा, मौत

2.603561 ०९ जनवरी २०१७ २१:३६:३८ bhaskar

क्राइम रिपोर्टर | पटना दानापुर रिटायर्डआईएएस शिवपूजन सिंह के 52 वर्षीय बेटे अविनाश कुमार सिंह की मौत सोमवार को संदिग्ध परिस्थिति में हो गई। घटना बेली रोड फ्लाईओवर के 3 4 नंबर पायों के बीच की है। लोगों ने अविनाश को बाइक के साथ गिरा देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने एक निजी अस्पताल में भर्ती करया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक आशियाना नगर की मजिस्ट्रेट काॅलोनी का निवासी था। वह आरा गार्डेन मोड़ पर चंदन दीप अपार्टमेंट में रंग और पेंट की दुकान चलाता था। मामला रूपसपुर थाने में दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है। घटना रात के साढ़े आठ बजे की है। बताया गया कि अविनाश दुकान से लौट रहा था। कुछ सामान लेने के लिए पुल के नीचे रुका था। स्थानीय लोगों ने बताया कि फायरिंग की दो आवाज सुनाई दी, जिससे वहां भगदड़ मच गई। इसके बाद लोगों ने देखा कि अविनाश गिरा हुआ है। चेहरे पर गंभीर चोट लगी थी। खून बह रहा था। अविनाश से आगे चल रहे उसके पड़ोसी दुकानदार नवीन ने भी पुलिस को बताया कि उसने गोली की आवाज सुनी है। लौटकर देखा तो अविनाश गंभीर स्थिति गिरा हुआ था। परिजनों ने...

Vice null Time०९ जनवरी २०१७ २१:३६:३८


डीजीपी से मिलने पहुंचा फर्जी आईएएस, गिरफ्तार

2.5886848 २४ जून २०१६ २२:४६:४८ bhaskar

36साल का युवक शुक्रवार को फर्जी आईएएस बनकर डीजीपी से मिलने पुलिस मुख्यालय पहुंचा। नकदी आईएएस का भेद खुलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फर्जी आईएएस की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में की गई है। पुलिस मुख्यालय में उसने अपनी पहचान पंजाब कैडर का आईएएस अधिकारी के तौर पर बताई। रिसेप्शन पर तैनात महिला कांस्टेबल ने उसे एक चिट दी और नाम पता लिखने को कहा। उसने चिट पर जितेंद्र कुमार (आईएएस) लिखा। चिट डीजीपी के पास भेज दी। चिट देखकर डीजीपी ने उसे मिलने बुलाया। करीब 5 मिनट तक उसने डीजीपी से बातचीत की। इस बातचीत में डीजीपी ने भांप लिया कि वह आईएएस अधिकारी नहीं है। डीजीपी ने उससे कैडर और ट्रेनिंग के बारे में पूछा। इतना पूछने के बाद फर्जी आईएएस के पसीने छूट गए। डीजीपी ने कांस्टेबल को बुलाया और फर्जी आईएएस से पूछताछ करने को कहा। कांस्टेबल ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा। पहचान पत्र दिखाने के बजाय वह वहां से भाग गया। पुिलस कर्मचारी ने उसका पीछा किया ओर गेट पर धर दबोचा। छोटा शिमला पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 170 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी...

Vice null Time२४ जून २०१६ २२:४६:४८


फर्जी तरीके से बेल लेनेवालों की जांच के लिए टीम बनी

2.297139 १७ जून २०१६ २३:३३:४१ bhaskar

जमानतलेने के लिए जेल में बंद अपराधियों द्वारा फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों से खुद को नाबालिग साबित करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक, पटना पश्चिमी ने जांच का आदेश दिया है। इसके लिए प्रशिक्षु आईपीएस वंदना कुमारी ने नेतृत्व विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इसमें दानापुर थानाध्यक्ष रंजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। जांच दल को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है तथा अपराधियों को फर्जी तरीके से प्रमाणपत्र हासिल करने में सहयोग करनेवालों को भी चिह्नित करने को कहा गया है। जांच दल नगर परिषद कर्मियों की भूमिका जांच करेगा। मामले की जांच के बाद पुलिस इन अपराधियों की जमानत रद्द करने के लिए न्यायालय में जाने की तैयारी भी कर रही है। इस खबर को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

Vice null Time१७ जून २०१६ २३:३३:४१


सिविल कोर्ट के वकील का मुंशी लेता था फर्जी बेल

1.993953 १२ जून २०१६ २२:४४:२० bhaskar

कुख्यातअपराधियों का पांच सौ लेकर एक हजार रुपए में फर्जी बेल लेने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस गोरखधंधे में पटना सिविल कोर्ट के वकील के मुंशी शामिल हैं। पुलिस ने इस गिरोह के पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनमें दयानंद गिरि, मुकेश कुमार, मनोज कुमार, उमाशंकर प्रसाद शामिल हैं। इसके अलावा फर्जी फोटो कार्ड, फर्जी मकान और जमीन की फर्जी रसीद, ड्राइविंग लाइसेंस, मोनोग्राम आदि बनाने वाले संजय कुमार को भी पुलिस ने दबोचा है। पटना सिविल कोर्ट में ही दुकान चलाने वाले संजय के यहां से पुलिस ने दो कंप्यूटर, एक लैपटॉप, एक कलर सादा प्रिंटर, एक लेमिनेशन मशीन, विभिन्न पदों पर तैनात 23 सरकारी अफसरों के जाली मुहर बरामद किए गए हैं। इसके अलावा इन शातिरों के पास से भारी मात्रा में पुलिस ने मालगुजारी रसीद, फर्जी वोटर आईकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड का मोनोग्राम, दर्जनों लोगों का पासपोर्ट साइज फोटो, कार्ड बनाने की मशीन, चेकबुक और अन्य फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एसएसपी मनु महाराज के मुताबिक शाहपुर निवासी दयानंद गिरि पटना सिविल कोर्ट के वकील आरके...

Vice null Time१२ जून २०१६ २२:४४:२०


फर्जी बेल मामले में सगे भाई एक बेटे को सजा

1.993953 २३ अप्रैल २०१६ २२:४४:३४ bhaskar

पटना। पटनासिविल कोर्ट के अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी विजया ने पटना हाईकोर्ट से फर्जी बेल आदेश लेने के मामले में शनिवार को दो सगे भाइयों और इनके एक बेटे को 2 से 3 साल तक के कठोर कारावास की सजा के साथ 7 हजार रुपए तक का जुर्माना भी किया। अदालत ने जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र निवासी मधुसूदन शर्मा, उसके भाई रामाशीष शर्मा और पुत्र धर्मेंद्र कुमार को धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों का दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है।सहायक अभियोजन पदाधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मधुसूदन शर्मा के पुत्र धर्मेंद्र को 3 वर्षों के सश्रम कारावास के साथ 7 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है। आरोप के अनुसार, तीनों घोसी थाने में दर्ज एक मामले में वर्ष 2010 में जेल में बंद थे। दोषियों की ओर से हाईकोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर कहा गया था कि धर्मेंद्र कुमार की दादी बच्ची देवी की मृत्यु हो गई है। परिवार में श्राद्धकर्म करने वाला कोई नहीं है। हाईकोर्ट ने श्राद्धकर्म के लिए अभियुक्तों को 20 मई, 2011 को अस्थायी जमानत पर मुक्त कर दिया था। बाद में उक्त मामले के सूचक ने...

Vice null Time२३ अप्रैल २०१६ २२:४४:३४


फर्जी आईएएस केस में रूबी गिरफ्तार

1.7447089 ०३ अप्रैल २०१५ २२:०५:१३ Live Hindustan Rss feed

फर्जी आईएएस प्रकरण की आरोपी रूबी चौधरी को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। शहर के एक होटल से गिरफ्तार करने के बाद एसआईटी उसे राजपुर थाने ले गई।

Vice सभी समाचार Time०३ अप्रैल २०१५ २२:०५:१३


अफसर की गर्लफ्रैंड थी फर्जी ट्रेनी आईएएस

1.7447089 ०१ अप्रैल २०१५ १८:१९:१६ Live Hindustan Rss feed

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में छह महीने तक फर्जी तरीके से अफसर बनकर रहने वाली महिला एकेडमी के ही एक अफसर की गर्लफ्रैंड बताई जा रही है।

Vice सभी समाचार Time०१ अप्रैल २०१५ १८:१९:१६


हाथरस में फर्जी आइएएस गिरफ्तार

1.6167302 २२ फ़रवरी २०१५ ०५:१७:२८ Jagran Hindi News - news:national

सीनियर आइएएस बताते हुए यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के लिए डीएम-एसपी से फोर्स मांगने वाले युवक को दबोच लिया गया। आरोपी नीली बत्ती लगाकर कार से पहुंचा था। खुद को 2005 बैच का अफसर बताने वाला युवक थाने पहुंचते ही गिड़गिड़ाने लगा।

Vice सभी समाचार Time२२ फ़रवरी २०१५ ०५:१७:२८


फर्जी बेल आदेश बनाने वाले को मिली सजा, हाईकोर्ट से किया था फर्जीवाड़ा

1.6073861 १७ दिसंबर २०१४ २३:४३:२२ bhaskar

रांची. 21 वर्ष पूर्व पटना हाईकोर्ट का फर्जी जमानत आदेश तैयार करने के दो अारोपियों को रांची की विशेष अदालत ने बुधवार को दोषी पाकर सजा सुनाई है। सीबीअाई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी आरके मिश्र की अदालत ने फर्जीवाड़ा करने के आरोपी मो. जुबैर और सुकरा मुंडा को दो वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। इन दाेनों के खिलाफ सीबीआई रांची की टीम ने तत्कालीन पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की कार्रवाई पूरी की थी। प्राथमिकी के अनुसार हत्या के एक मामले में मो. जुबैर और गुलहसन आरोपी था। इन दाेनों के खिलाफ हजारीबाग के एक थाने में वर्ष 1991 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दोनों को जमानत की सुविधा नहीं मिल रही थी। इस दौरान मो. जुबैर अपने सहयोगी आरोपी गुलहसन के नाम पर पटना हाईकोर्ट का जाली मुहर लगा हुआ एक जमानत आदेश तैयार किया। पटना हाईकोर्ट में अपनी जमानत याचिका दायर कर उसके साथ उस जाली जमानत आदेश को एनेक्सचर बनाया। बहस के दौरान दलील दिया कि मामले के एक आरोपी गुलहसन को हाईकोर्ट द्वारा...

Vice null Time१७ दिसंबर २०१४ २३:४३:२२