झाड़-फूंक के चक्‍कर में न पड़ें, समय पर इलाज करने से मिर्गी से मिलेगा छुटकारा

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१३ फ़रवरी २०१८ १८:३३:५१ Jagran Hindi News - bihar:patna-city

पांच मिनट से ज्यादा देर तक मिर्गी का दौरा होने पर फौरन चिकित्सक के पास मरीज को ले जाना चाहिए। भ्रांतियों के चक्कर में पड़कर लोग झाड़-फूंक कराने लग जाते हैं, यह गलत है। पर पूर्ण लेख झाड़-फूंक के चक्‍कर में न पड़ें, समय पर इलाज करने से मिर्गी से मिलेगा छुटकारा

Vice सभी समाचार Time१३ फ़रवरी २०१८ १८:३३:५१


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झाड़-फूंक के चक्कर में युवक के साथ हुआ ये, वारदात कर तांत्रिक फरार

2.0478776 १४ अक्‍तूबर २०१७ २१:५०:३८ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

सिकंदरपुर वैश्य के ग्राम गौंडा में तंत्र-मंत्र के फेर में एक बाबा ने युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी। आरोप है कि खुदकुशी दर्शाने के लिए तांत्रिक ने शव को पेड़ से लटका दिया।

Vice null Time१४ अक्‍तूबर २०१७ २१:५०:३८


समय पर इलाज से कुष्ट रोग से छुटकारा संभव

1.3272438 २९ जनवरी २०१७ २१:३३:१२ bhaskar

बटाला | कुष्टरोग का समय पर इलाज होने से इससे छुटकारा संभव है। कुष्ट रोग के लक्षण वाले रोगियों की पहचान करके उनको नजदीकी सेहत केंद्रों में जाने को प्रेरित करना चाहिए। यह बात सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉ. संजीव भल्ला ने कही। उन्होंने कहा कि देश को कुष्ट रोग से मुक्त करने के लिए हर नागरिक को अपना योगदान देते हुए अपने आस-पास जागरूकता पैदा करनी चाहिए और कुष्ट रोगियों से भेदभाव को रोकने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने बताया 30 जनवरी को कुष्ट दिवस पर हर नागरिक को प्रण लेना चाहिए कि वह इस रोग के लक्षणों के बारे जागरूकता पैदा करेंगे और इसका समय पर इलाज के लिए पीड़ित को प्रेरित करेंगे। चमड़ी पर दाग या धब्बे होने की सूरत में सेहत केंद्र से जांच करवाई जाए और इसकी एमडीटी दवाई मुफ्त मिलती है। समय पर इलाज से यह रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि चमड़ी के दाग या धब्बे को अनदेखा करने वाले कुछ लोगों को अपंगता भी हो सकती है। चमड़ी का रंग फीका होना, एक या एक से ज्यादा दाग या धब्बे, पसीना आना, खारिश, जलन या चुभन हो तो कुष्ट रोग हो सकता है। शरीर, चेहरे,...

Vice null Time२९ जनवरी २०१७ २१:३३:१२


मिरगी का दौरा पड़ने पर देसी इलाज करें: डॉ. अभिमन्यु

1.1572379 २९ नवंबर २०१६ २१:५९:२७ bhaskar

पटेलचौक स्थित कौशल्या देवी अस्पताल में दिमाग की बीमारियों के प्रति जागरूक सेमिनार कैंप लगाया। कैंप में डाक्टर अभिमन्यु गुप्ता ने मरीजों का चेकअप किया। वहीं मरीजों को दिमाग की बीमारियों के प्रति अवेयर किया। कैंप में डाक्टर अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि मिर्गी का दौरा पड़ने से देसी इलाज करने की बजाए स्पैशलिस्ट डाक्टर के पास तुरंत इलाज करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के केस में मरीज को लकवा, मुंह में जाग, हाथ पांव टेढ़े तक के लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं दिमाग को बुखार चढ़ जाने अथवा दिमाग का खून सर्कल तेज हो जाने पर भी इस तरह की बीमारी हो सकती है। मिर्गी का दौरा पड़ने पर मरीज को एक से दो मिनट बाद होश जाती है, जबकि कई लोग ऐसे मरीजों के मुंह में चमचा डाल देते हैं, या फिर बूट सूंघने की कोशिश करते हैं, जोकि गलत है। सिपला की चैरेटरी मैनेजर पूजा वर्मा ने बताया कि कम्पनी की ओर समय समय पर इस तरह के कैंप लगाकर लोगों को उनकी सेहत के प्रति अवेयर किया जाता है। इस मौके पर मैनेजर पूजा वर्मा, रवि शर्मा आदि मौजूद रहे। कैंप में लोगों का चेकअप और अवेयर करते डाक्टर अभिमन्यु।

Vice null Time२९ नवंबर २०१६ २१:५९:२७


इलाज को नहीं लगाने पड़ेंगे शहर के चक्कर

1.121131 २२ अक्‍तूबर २०१६ २२:४४:३८ bhaskar

पिछले कई माह से करोड़ों रुपए की लागत से बन कर तैयार खड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र(पीएचसी) इलाज के लिए तरसते ग्रामीणों को मुंह चिढ़ाते नजर रहे थे। कहीं मेडिकल स्टाफ नहीं था, तो कहीं पैरा मेडिकल स्टाफ का अभाव था। इस वजह से स्वास्थ्य सेवाओं को गति नहीं मिल रही थी। अब स्वास्थ्य सेवाओं को आउट सोर्सिंग के माध्यम से गति देने की कवायद शुरू हो गई है। जिला पलवल के विभिन्न गांवों में 16 पीएचसी और छह सीएचसी हैं। विभागीय नियमों के अनुसार जिन गांवों की आबादी 30 हजार है, वहां एक पीएचसी और एक लाख की ग्रामीण आबादी पर एक सीएचसी बनाया जाता है। इन सीएचसी पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए या तो झोला छाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ता था या फिर लंबा सफर तय करके जिला अस्पताल पलवल आना पड़ता है। इससे सिर्फ ग्रामीण परेशान हो रहे थे, बल्कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों पर भी काम का दबाव बढ़ रहा था। कहीं-कहीं डॉक्टरों की तैनाती तो कर दी गई थी, पर सहयोगी स्टाफ होने से काम नहीं हो पा रहा था। इधर नियमित कर्मचारियों के...

Vice null Time२२ अक्‍तूबर २०१६ २२:४४:३८


मिर्गी पीड़ित परिवार को मिली इलाज की सुविधा

1.0886328 ०८ फ़रवरी २०१६ २२:०४:५७ bhaskar

सोमवार को ग्राम धौराभाठा निवासी पीड़ित महिला पूनिया बाई गोंड़ अपने दोनों बच्चे हरिशंकर (21) व ताेमेश्वर (19) के साथ कलेक्टोरेट पहुंची। उसने बताया कि उसके दोनों बच्चे गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। खड़े होते ही उनके शरीर में कंपन शुरु हो जाता है। दोनों की हालत देख जिला प्रशासन और उपस्थित डॉक्टर भी हैरान हो गए और उन्होंने तत्काल दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। यहां डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें मिर्गी है, जिसका उपचार संभाव है, लेकिन जिंदगीभर दवाई खानी पड़ेगी। फिलहाल दोनों का उपचार नहीं हो रहा है, जिससे बीमारी का असर उन पर तेजी से बढ़ता जा रहा है। धमतरी| कलेक्टोरेट के बाहर अपने दोनों बच्चों के साथ बैठी पूनिया गोंड़।

Vice null Time०८ फ़रवरी २०१६ २२:०४:५७


झाड-फूंक के चक्कर में में पड़कर चली गई युवक की जान

1.0534225 ३० जनवरी २०१६ १२:२७:०२ Jagran Hindi News - uttar-pradesh:lucknow-city

झाड-फूंक के चक्कर में पड़ रघुवीर उर्फ पतालु राजभर की मौत हो गई। पुलिस को देख घबराया भाई अपने छोटे भाई के शव को तडके वाराणसी के चित्रसेनपुर में नहर माइनर मार्ग के किनारे लावारिश हालत में फेंक भाग निकला।

Vice सभी समाचार Time३० जनवरी २०१६ १२:२७:०२


बार बार एचपीयू के चक्कर लगाने से छात्रों को मिलेगा छुटकारा

1.0534225 ०५ जनवरी २०१६ १९:३४:०६ bhaskar

शिमला। यूजी कक्षाओं के छात्रों को अपनी रिजल्ट संबंधी सुधार के लिए विवि के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कॉलेजों मेें ही छात्र अपने रिजल्ट संबंधी समस्याओं का निदान कर सकेंगे। विवि की ओर से कॉलेज प्रिंसिपल को इस संबंध में शक्तियां दी गई है। समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक प्रिंसिपल की ई मेल अाइडी बनाई गई है। जो यूनिवर्सिटी की साइट पर जाकर छात्रों की समस्या का समाधान कॉलेज से ही कर सकते है। इससे दूरदराज क्षेत्रों के कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा हाेगा। रूसा सिस्टम के तहत यह सुविधाएं छात्रों को दी गई है। इससे पहले परीक्षा के दौरान फार्म में हुई छाेटी सी गलती के लिए भी छात्रों को एचपीयू के चक्कर काटने पड़ते थे। अब कॉलेज में ही उसका समाधान हाेगा। इंटरनल अससमेंट भी ठीक कर पाएंगे कॉलेज की ओर से छात्रों को दी जाने वाली इंटरनल अससमेंट को भी ऑनलाइन ही ठीक किया जाएगा। साथ ही जिन छात्रों के अवार्ड व नंबर गलत डाल दिए गए है, उसको भी एक सेकंड में ठीक किया जा सकेगा। अभी तक ऐसे मामले में छात्र के रिजल्ट के आगे एनए लिखा जाता है।...

Vice null Time०५ जनवरी २०१६ १९:३४:०६


बच्चे का झाड़-फूंक से इलाज, मौत

0.99503803 १० सितंबर २०१५ ००:२४:१४ bhaskar

ग्वालियर| तेज बुखार से पीड़ित पांच वर्षीय अरमान की झाड़-फूंक के चलते मौत हो गई। उसे जिला अस्पताल मुरार से केआरएच रैफर किया था। घटना बुधवार शाम 8 बजे की है। वंशी पुरा हाथीखाना निवासी पांच वर्षीय अरमान को उसके पिता मुनीम खान बुधवार की सुबह जिला अस्पताल की ओपीडी में लाए थे, जहां उसे दवाएं देकर घर भेज दिया गया। शाम को अरमान की तबीयत बिगड़ी तो परिजन उसे जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में रात 8 बजे लेकर आए, जहां डॉ. एच के दांगी ने उसे केआरएच रैफर कर दिया । लेकिन अरमान के पिता उसे केआरएच न लाकर एक झाड़-फूंक करने वाले पर ले गए। इसके बाद जब वे रात 9.30 बजे दोबारा ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, तब तक अरमान की तबीयत काफी बिगड़ चुकी थी। डॉ. दांगी ने एंबुलेंस बुलाई, लेकिन वह समय पर नहीं आ पाई। इसी बीच बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद बच्चे के परिजन रात 11.30 तक हंगामा करते रहे, बाद में पुलिस की समझाइश के बाद वापस घर लौट गए।

Vice null Time१० सितंबर २०१५ ००:२४:१४


झाड़-फूंक के चक्कर में सर्पदंश से दो की मौत

0.9919182 ०२ सितंबर २०१५ २२:४३:१२ bhaskar

कुसमी| पिछले दो दिनों में सर्पदंश से दो लोगों की मौत हो गई। सर्पदंश के बाद मरीज को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन झाड़फूंक करा रहे हैं। इससे स्थिति और बिगड़ रही है। बताया गया कि बुधवार को ग्राम पंचायत जिरहुल के ग्राम मोतीनगर निवासी 35 वर्षीय बीरसाय नगेशिया पिता बैजनाथ नगेशिया सुबह मवेशियों को चारा देने जा रहा था। इसी दौरा उसे सांप ने डंस लिया। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने लगे। दिनभर झाड़फूंक होने के बाद युवक की मौत हो गई। दो दिन पूर्व सोमवार को 8 वर्षीय बालक बुदुराम पिता असरू नागेशिया की भी सर्पदंश से मौत हो गई। सर्प दंश के बाद अस्पताल न ले जाकर घर में झाड़फूंक कराने के कारण दोनों की मौत हो गई। सांप डसने से गंभीर बालक की मौत अंबिकापुर| लंुड्रा थानांतर्गत ग्राम गगौली में मंगलवार को सांप डसने से गंभीर बालक की जिला अस्पताल में मौत हो गई। दस वर्षीय मंगल साय पिता लुका नगेशिया मंगलवार को अपने परिजनों के साथ खाना खाकर जमीन पर सोया था। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। बालक ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। उसे गंभीर अवस्था में उपचार के लिए...

Vice null Time०२ सितंबर २०१५ २२:४३:१२


तालाब में नहाते समय आया मिर्गी का दौरा, चार घंटे बाद मिली लाश

0.98104656 ३१ जुलाई २०१५ ०७:५०:५९ bhaskar

रायपुर। राजधानी के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र स्थित तालाब में डूबकर शुक्रवार सुबह एक युवक की मौत हो गई। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि युवक तालाब में नहा रहा था, इसी दौरान मिर्गी का दौरा पड़ने से डूब गया। चार घंटे की मशक्कत के बाद उसकी लाश निकाली जा सकी। पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए अंबेडकर अस्पताल भेज दिया है।

Vice null Time३१ जुलाई २०१५ ०७:५०:५९