बगाल के हर जिले मे बनेगा आइटी पार्क : मत्री

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१३ फ़रवरी २०१८ १७:३७:०० Jagran Hindi News - west-bengal:kolkata

जागरण संवाददाता, कोलकाता : पश्चिम बंगाल के सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) मत्री ब्रात्य बसु ने शनिवार क पर पूर्ण लेख बगाल के हर जिले मे बनेगा आइटी पार्क : मत्री

Vice सभी समाचार Time१३ फ़रवरी २०१८ १७:३७:००


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आईटी पार्क बनाने की पहल शुरू हो

1.2764324 २३ अप्रैल २०१६ २२:४६:३७ bhaskar

इनफर्मेशन टेक्नोलॉजी के दौर में क्षेत्र का विकास आईटी की संभावना पर काफी हद तक निर्भर करता है। भेल क्षेत्र में आईटी कंपनियों की काफी कमी है। इसलिए जन प्रतिनिधियों को इस क्षेत्र में आईटी पार्क बनाने का प्रयास करना चाहिए। यह कहना है समाजसेवी हर प्रसाद साहू का। देश में जितने भी महानगर अस्तित्व में आए उनके पीछे कहीं न कहीं आईटी क्षेत्र ही कारण रहा है। पहले यहां इसके लिए प्रयास हुए थे, लेकिन बाद में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। इस दिशा में अगर दोबारा प्रयास किया जाए तो अच्छा होगा। भेल सबसे अच्छा और आसान क्षेत्र है, जहां न तो खाली भूमि की कोई कमी है और न ही लंबी-चौड़ी सड़कों की। आईटी पार्क के लिए जिन कंपनियों को भी यह क्षेत्र दिखाया जाएगा, उन्हें एक ही नजर में पसंद आ जाएगा। साथ ही कंपनी का ‘निर्माण भी शुरू कर देंगे। इससे बाहर से आने जाने वालों की संख्या बढ़ जाएगी। खास बात यह होगी कि इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। युवाओं को सही रास्ता मिल जाएगा और उनका रुझान भी आईटी की तरफ बढ़ेगा। भेल प्रबंधन से अगर इसके लिए चर्चा की जाए तो वह भी खाली पड़ी...

Vice null Time२३ अप्रैल २०१६ २२:४६:३७


क्रिस्टल आईटी पार्क में बनेंगे दो और आईटी पार्क

1.2475796 १५ फ़रवरी २०१६ ००:००:४० bhaskar

पांच साल पहले तक खंडहर में तब्दील रहे क्रिस्टल आईटी पार्क में आज कंपनियों की इतनी मांग है कि अब शासन इसी परिसर में दो और आईटी पार्क बनाने जा रहा है। एक आईटी पार्क सेज क्षेत्र में रहेगा, जो पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) में बनेगा और दूसरा पार्क एकेवीएन, इंदौर द्वारा टेंडर जारी कर विकसित किया जाएगा। इसकी लागत 45 करोड़ रुपए आएगी। दोनों पार्क विकसित होने से यहां आईटी की 50 से अधिक कंपनियां और आ सकेंगी, जिनसे दस हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। एकेवीएन एमडी कुमार पुरुषोत्तम ने बताया क्रिस्टल आईटी पार्क के पास ही खाली पड़ी दस एकड़ जमीन को पीपीपी आधार पर विकसित कर सेज क्षेत्र में दूसरा चरण ला रहे हैं। यहां टेंडर आधार पर डेवलपर को नियुक्त किया जाएगा, जो आठ लाख वर्गफीट एरिया को विकसित कर खुद आईटी कंपनियों को यहां जगह आवंटित करेगा। दूसरा पार्क क्रिस्टल आईटी पार्क के पास एक और खाली पड़ी दो एकड़ जमीन पर विकसित होगा। यह नॉन सेज में होगा। यहां जी प्लस आठ मंजिला ग्रीन बिल्डिंग 45 करोड़ में बनेगी। यहीं पर एकेवीएन का दफ्तर भी बनेगा। करीब चार लाख वर्गफीट एरिया...

Vice null Time१५ फ़रवरी २०१६ ००:००:४०


अजमेर में बने कर मुक्त आईटी पार्क

1.2475796 २६ जनवरी २०१६ ०१:४२:२४ bhaskar

राज्यसभासांसद भूपेंद्र यादव और एडीए अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा को सीए अजीत अग्रवाल ने ज्ञापन सौंपकर अजमेर के विकास के लिए कर मुक्त आईटी पार्क बनाने की मांग की है। अग्रवाल ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि अन उपजाऊ भूमि जल संसाधन के साथ-साथ मुखरत की कमी के कारण शिक्षा की नगरी अजमेर राजकीय उपेक्षा एवं विकास की कमी का दंश झेल रही है। महानगरों में होने वाली दैनिक परेशानियों, प्रदूषण ज्यादा खर्चों की वजह से कंपनियां अपने प्रतिष्ठान स्थानांतरित करने का मन बना रही हैं। बेंगलुरू स्थित एमएनसी कॉग्निजेंट तो अन्यत्र स्थानांतरण की घोषणा कर चुकी है और एक दर्जन कंपनियां इस ओर कार्य कर रही हैं। अग्रवाल ने कहा कि अजमेर में प्रस्तावित हवाई अड्डा निर्धारित करवाया जाए। एडीए के आधारभूत ढांचे का विकास करवाया जाए और दो वर्षों में आईटी पार्क की स्थापना की जाए। वित्त मंत्रालय द्वारा आईटी पार्क को कर मुक्त किए जाने से कर संग्रहण में कोई नुकसान नहीं होगा। शुरुआती पांच-सात साल कंपनियों को कैपिटल आउटलेट और मूल्य ह्रास के कारण कर देय नहीं होगा और उसके बाद वर्ष दर वर्ष बढ़ती...

Vice null Time२६ जनवरी २०१६ ०१:४२:२४


शहर में दो और आईटी पार्क बनेंगे

1.2475796 २६ जुलाई २०१५ २३:३०:४३ bhaskar

इंदौर को आईटी हब बनाने की दिशा में आईडीए एक और नया कदम उठा रहा है। इसके लिए क्रिस्टल आईटी पार्क की तरह दो स्कीमों में प्लग एंड प्ले की तर्ज पर स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा। यहां आईटी कंपनियां आएंगी और अपना काम शुरू कर सकेंगी। स्कीम 78 में एक और स्कीम 139 में दो बड़े प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। ये प्लॉट 50 हजार से 2 लाख वर्ग फीट के होंगे। आईडीए ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि शहर में आईटी विभाग अब तक टीसीएस, इन्फोसिस, इन्फोबिंस, इम्पिटस के बाद कुछ अन्य छोटी-छोटी कंपनियों को भी क्रिस्टल आईटी पार्क, सिंहासा और एमपीएसईडीसी के परिसर में जमीनें दे चुका है। ट्रांसपोर्ट सुविधा बढ़ाने की योजना सीईओ के मुताबिक टीसीएस व इन्फोसिस ने अपना काम शुरू कर दिया है। आईडीए भी कुछ हाईराइज यहां लाएगा। मेडिकल हब में पीएसपी (सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक) लैंड यूज की जमीन खाली है। आईडीए चाहता है कि इसका भी जल्द से जल्द उपयोग हो। ऐसे में किसी भी तरह के प्रक्रम शुरू करने से पहले यहां ट्रांसपोर्ट सुविधा देना होगी। योजना है कि एयरपोर्ट से रेडिसन (पूर्वी रिंग रोड) तक...

Vice null Time२६ जुलाई २०१५ २३:३०:४३


हर जिले में खुलेगा आईटी ऑफिस

1.2475796 २१ मई २०१५ ०२:२२:१२ bhaskar

पाली | सरकारीसिस्टम में आईटी के काम को गति देने के लिए राज्य सरकार ने हर जिले में ई-गवर्नेंस सेल ऑफिस को अपग्रेड कर एनालिस्ट कम प्रोग्रामर (उप निदेशक) बना दिया है। साथ ही पंचायत स्तर पर खुले अटल सेवा केंद्रों में एक प्रोग्रामर सहित तीन-तीन सूचना सहायकों के पद सृजित किए हैं। अभी तक हर जिले में जिला स्तर पर गवर्नेंस सेल होती थी। इसके अधिकारी एसीपी होते थे और इनमें एक प्रोग्रामर एक असिस्टेंट प्रोग्रामर की पोस्ट थी। अब ऑफिस अपग्रेड हो जाने से अब यहां उप निदेशक बैठेंगे। प्रोग्रामर असिस्टेंट प्रोग्रामर के अलावा यहां एक सहायक लेखाधिकारी का पद सृजित किया है। यह ऑफिस सभी जिलों के कलेक्ट्रेट में बने अटल सेवा केंद्रों में चलेगा।

Vice null Time२१ मई २०१५ ०२:२२:१२


हर जिले में खुलेगा आईटी ऑफिस

1.2475796 १९ मई २०१५ २३:११:१९ bhaskar

भीलवाड़ा| सरकारीसिस्टम में आईटी के काम को गति देने के लिए राज्य सरकार ने हर जिले में ई-गवर्नेंस सेल ऑफिस को अपग्रेड कर एनालिस्ट कम प्रोग्रामर (उप निदेशक) बना दिया है। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर खुले अटल सेवा केंद्रों में एक प्रोग्रामर सहित तीन-तीन सूचना सहायकों के पद सृजित किए हैं। अभी तक हर जिले में जिला स्तर पर गवर्नेंस सेल होती थी। इसके अधिकारी एसीपी होते थे और इनमें एक प्रोग्रामर एक असिस्टेंट प्रोग्रामर की पोस्ट थी। अब ऑफिस अपग्रेड हो जाने से अब यहां उप निदेशक बैठेंगे। प्रोग्रामर असिस्टेंट प्रोग्रामर के अलावा यहां एक सहायक लेखाधिकारी का पद सृजित किया है। यह ऑफिस सभी जिलों के कलेक्ट्रेट में बने अटल सेवा केंद्रों में चलेगा।

Vice null Time१९ मई २०१५ २३:११:१९


सागर में बनेगा आईटी पार्क

1.2475796 १७ मार्च २०१५ २२:१६:५० bhaskar

भोपाल | सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई मप्र राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में बताया गया कि सागर में भी आईटी पार्क बनाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा भूमि चिन्हित कर ली गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में आईटी पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि आईटी के माध्यम से प्रदेश में कौशल विकास का कार्यक्रम भी संचालित किया जाए। इससे युवाओं को रोजगार प्राप्त होने के साथ ही आईटी कंपनियों को प्रशिक्षित मेनपॉवर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि आईटी पार्क में छोटी एवं मध्यम कंपनियों के साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए नई दिल्ली में विभाग शीघ्र ही प्रेजेंटेशन देगा। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक श्री एम सेलवेंद्रन, वित्त नियंत्रक रमेश गुप्ता, उप सचिव वित्त प्रदीप उपाध्याय भी उपस्थित थे।

Vice null Time१७ मार्च २०१५ २२:१६:५०


राजगीर में बनेगा आईटी पार्क

1.0916321 ०३ मार्च २०१५ २२:३०:४८ bhaskar

नालंदाके राजगीर में आईटी पार्क बनेगा। दो माह में एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एक सप्ताह में विभागीय सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ बेंगलुरु आईटी पार्क का अध्ययन करने वहां जाएंगे। मंगलवार को आईटी मंत्री का प्रभार संभालने के बाद जयकुमार सिंह ने मंगलवार को संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क बनने से आईटी के क्षेत्र में रोजगार की संभावना बढ़ेगी। राज्य के विकास में भी आईटी का महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को पूर्ण कंप्यूटरीकृत कराना प्राथमिकता है। प्रथम चरण में छह जिलों पटना, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर औरंगाबाद के सभी पैक्स को जल्द ही कंप्यूटरीकृत करा लिया जाएगा। इससे धान खरीद सहित विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग में आसानी होगी। इससे अनियमितता रुकेगी। किसानों को समय पर राशि भुगतान में सुविधा होगी। खाद-बीज समय पर आपूर्ति कराने में मदद मिलेगी। बाद में अन्य जिलों के के पैक्स को भी कंप्यूटरीकृत करा लिया जाएगा। विभाग के सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने मंत्री को विभाग की योजनाओं के संबंध में बताया। उन्होंने...

Vice null Time०३ मार्च २०१५ २२:३०:४८


प्रदेश में नहीं बना आइटी पार्क

1.0916321 ०४ दिसंबर २०१४ १६:३३:१६ Jagran Hindi News - himachal-pradesh:shimla

राज्य ब्यूरो, शिमला : हिमाचल प्रदेश में आइटी पार्क बनाने का सपना अधूरा ही रह गया है। वाकनाघाट से एक

Vice सभी समाचार Time०४ दिसंबर २०१४ १६:३३:१६


दो साल में बनेंगे आईटी पार्क ई-क्लस्टर

1.0916321 ०६ अक्‍तूबर २०१४ २२:४७:१६ bhaskar

अगलेदो साल में राजधानी इंफरमेशन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स जगत के नक्शे में महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर लेगी। यहां केंद्रीय जेल के पास बड़वई में आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर बनेगा। कुछ कंपनियों ने यहां अपनी यूनिट लगाने के लिए सहमति भी दे दी है। इनसे करीब 50,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद इसके लिए भूमिपूजन करेंगे। पार्क और क्लस्टर में करीब 212 एकड़ क्षेत्र में 170 करोड़ रुपए के निवेश से आईटी और इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां यूनिट लगाएंगी। पार्क में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए 50 एकड़ जमीन आरक्षित है। यहां लैपटॉप, चिप, कंडक्टर आदि सामान बनेंगे। आईटी पार्क के विकास का जिम्मा हाउसिंग बोर्ड काे दिया गया है। बोर्ड इंदौर के क्रिस्टल पार्क की तर्ज पर यहां एक लाख वर्गफुट में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण कर रहा है। इसमें सिर्फ आईटी कंपनियों को ही जगह दी जाएगी। इसे पूरा होने में दो साल का वक्त लगेगा। यहां बनेगा आईटी पार्क। आईटी पार्क में करीब पांच एकड़ जमीन...

Vice null Time०६ अक्‍तूबर २०१४ २२:४७:१६