कुल्लू की सांसों में जंगलों का धुआं

Press Report

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१४ जनवरी २०१८ ००:५४:५६ Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news

भुंतर – जिला कुल्लू के जंगलों में भड़की आग के धुंए ने देवभूमि कुल्लू के हालात पंजाब-हरियाणा-दिल्ली की तरह कर दिए हैं। जंगली आग के धुएं के कारण जिला में विजिविलिटी की समस्या पैदा हो गई है तो साथ ही खतरनाक धुएं से लोगों को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें पैदा हो रही हैं। जिला कुल्लू के पर पूर्ण लेख कुल्लू की सांसों में जंगलों का धुआं

Vice null Time१४ जनवरी २०१८ ००:५४:५६


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प्रदूषण नियम का पालन नहीं, सांसों में समा रहा विद्युत शवदाह गृह का धुआं

2.0990205 ०४ फ़रवरी २०१७ २२:२०:४५ bhaskar

बांसघाट में विद्युत शवदाहगृह इसलिए लगाया गया था कि दाह संस्कार से उठने वाले धुंए से राहत मिले, लेकिन विद्युत शवदाह गृह धुंआ निकाल रहा है। मंदिरीवासी इससे परेशान हैं कि उनकी छतों पर धुंए का काले धुएं का कण रहा है। छतोंपर भी जम रहे डस्ट विद्युतशवदाह गृह में हर दिन 10-15 लोगों का दाह-संस्कार होता है। इससे जो धुंआ निकल रहा उसमें डस्ट पार्टिकल भी चिमनी से बाहर रहे हैं। काले धुंए ने चिमनी के ऊपर लगे लाल बल्ब को भी पूरी तरह काला कर दिया है। बांस घाट के पास मंदिरी मुहल्ले में बड़ी आबादी रहती है। यह आबादी भी इन दिनों परेशानी में है कि चिमनी का धुंआ परेशान कर रहा है। कई लोगों को नहीं मालूम कि इससे कौन-सी बीमारी होने का खतरा है। लोग बताते हैं कि छतों पर काले धूल के कण जम जा रहे हैं। कपड़े सूखने देते हैं तो उस पर भी ये काले धूल बैठ जाते हैं। प्रदूषणदूर करने वाली मशीन नहीं डीबीस्टार ने इसकी पड़ताल की कि क्या विद्युत शवदाह गृह बनाते समय प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन किया गया है कि नहीं ? राजकुमार यादव बांस घाट पर हेल्पर हैं। वे बताते हैं कि इसे शुरू हुआ लगभग 10 साल हो चुके...

Vice null Time०४ फ़रवरी २०१७ २२:२०:४५


कुल्‍लू में आग का तांडव, जंगल के बाद घर भी हुए खाक, देखें तस्वीरें

1.8446832 १४ दिसंबर २०१६ ०९:५३:५८ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

हिमाचल के जिला कुल्लू में देर रात जंगल में लगी आग की चपेट में कई घर भी आ गए। देर रात सारे गांववाले आग पर काबू पाते रहे। लाखों का नुकसान बताया जा रहा है।

Vice null Time१४ दिसंबर २०१६ ०९:५३:५८


जंगलों में लगी आग से चारों और फैला धुआं ही धुआं

1.8446832 ०८ दिसंबर २०१६ २१:३५:५६ bhaskar

कुल्लू| कुल्लूजिला के मनाली आसपास के जंगलों में तीन-चार दिनों से लगी आग से घाटी धुएं की चपेट में गई है। मनाली आसपास के क्षेत्रों में धुआं इस कदर फैल गया है कि दोपहर का समय भी शाम जैसा लगने लगा है। दो दिनों से मनाली में सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए हैं। शुरुआती दिनों में ऐसा लग रहा था कि ये बादल है और बरसने के लिए आए हैं लेकिन चारों और जंगलों में लगी आग देख लोगों को अपनी धारणा बदलनी पड़ी। सर्दियों में हर साल जंगलों में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं लेकिन इस बार यह घटनाएं सारी हदें पार कर गई है। चारों और जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। वन विभाग आसपास के जंगलों में आग को काबू पाने में जुटा हुआ है लेकिन दूर दराज के क्षेत्रों में पहुंचना मुश्किल हो गया है। हर रोज जंगल में आग की नई घटना सामने रही है जिससे धुएं से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सीएमओ कुल्लू वाई डी शर्मा का कहना है कि दमा की बीमारी से पीड़ित लोगों की समस्या बढ़ सकती है। अगर जंगलों में लगी आग को समय पर काबू नहीं पाया गया तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं। वन विभाग मनाली के आरओ पूने राम ने बताया कि वन विभाग जंगलों में लगी...

Vice null Time०८ दिसंबर २०१६ २१:३५:५६


पांच साल में 91 बार जले कुल्लू के जंगल

1.8446832 ०८ नवंबर २०१६ २१:१९:२१ Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news

कुल्लू – जिला कुल्लू में हर वर्ष करोड़ों की वन संपदा अग्निकांड की भेंट चढ़ रही है। वन विभाग जहां अग्निकांड की घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्त्वों पर नकेल कसने में नाकाम रहा है, वहीं अग्निकांड पर काबू पाने के लिए वन विभाग

Vice null Time०८ नवंबर २०१६ २१:१९:२१


आंखों में जलन, घुटती सांसें, यह धुंध नहीं पटाखों और भूसे का धुआं है, इससे बचिए

1.666229 ०४ नवंबर २०१६ ०२:५५:२० bhaskar

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर। पंजाब-हरियाणामेंधान की फसल के भूसे को जलाने से उठ रहे धुएं के गुबार से गुरुवार को पूरा श्रीगंगानगर अट गया। हालत यह रही कि दिनभर धूप नहीं निकली और धुंआ ही धुंआ छाया रहा। इस धुंए के कारण विजिबिलिटी भी कम रही। इस कारण दिन में भी लाइट जलाकर चालकों को वाहन चलाने पड़े। इस धुंए में दीपावली पर चलाए गए पटाखों के धुएं ने भी पूरा साथ दिया है। इस वजह से धुंआ अब की बार ज्यादा है। इसका असर यह हो रहा है कि लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से पिछले साल अक्टूबर में धान उत्पादक राज्यों की सरकारों को धान की कटाई के बाद बचे अपशिष्ट को जलाने पर रोक लगाई थी। इस संबंध में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और राजस्थान सरकार को चावल की फसल के बचे हुए भूसे को आग लगाकर खेत में जलाने पर रोक लगाई थी। पर्यावरण प्रदूषण को लेकर पिछले साल भी यही स्थिति बन गई थी। एक साथ खेतों में कचरे को आग के हवाले करने से उठने वाले धुएं ने धान उत्पादक पांचों राज्यों के अलावा उत्तरी भारत को आगोश में ले लिया था।...

Vice null Time०४ नवंबर २०१६ ०२:५५:२०


छाया रहा धुआं, लोगों को सांस लेने में तकलीफ

1.666229 ०२ नवंबर २०१६ २३:४४:५२ bhaskar

दीपावलीकेबाद शहर की आबोहवा में धुआं-धुआं है। बुधवार को सुबह से ही आसमान में धुआं छाया रहा। इससे जहां यातायात की रफ्तार पर भी असर पड़ रहा है, वहीं कुछ लोग आंखों में जलन की भी शिकायत कर रहे हैं। जानकार बताते हैं कि त्योहारों पर पटाखे छोड़ने से निकलने वाला धुआं फोग में मिलकर धुआं का रूप ले चुका है। इसके कारण बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक सूरज नजर तक नहीं आया और चार बजे ही अंधेरा सा छाने लग गया। वहीं पूरे दिन हल्की धुंध जैसा आवरण बना रहा, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी।

Vice null Time०२ नवंबर २०१६ २३:४४:५२


आग बुझाने के उपकरण नहीं थे, सांसें धुआं-धुआं, फिर भी दहकते वार्ड में घुसे अौर बचा ली 35 नन्हीं जिंदगियां

1.547302 ३० मई २०१६ ००:३८:३१ bhaskar

डाॅक्टर व नर्स के अलावा ये वो चेहरे हैं, जो अपनी जान पर खेल गए रीयल हीरो जान बचाने हाथों से खिड़कियों के शीशे तोड़े, धुएं के बीच मुंह पर कपड़ा बांध टॉर्च से ढूढ़े बच्चे दहशत, चिंता और अफरा-तफरी के 10 मिनट रविवार दोपहर जिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में आग ने मासूम जिंदगियों के सुरक्षा इंतजाम की पोल खोल दी। 12.33 बजे से 12.43 बजे के बीच 10 मिनट यहां दहशत, चिंता और अफरा-तफरी मची थी। एसएनसीयू में आग बुझाने और सुरक्षा के लिए किसी तरह के उपकरण नहीं थे, इसलिए एक तरफ आग बुझाने का दवाब यहां जमा लोगों पर था तो दूसरी ओर 35 नन्हीं जिंदगियां बचाने की चुनौती। एसएनसीयू का वार्मर कक्ष धुएं में डूब चुका था। आग के कारण वह दहक रहा था, इस बीच भी लोग बच्चों की जान बचाने के लिए उसमें घुस गए और एक-एक को ढूंढ़कर सभी को बचा लिया। कलेक्टर-एसपी तो आए नहीं, मातहत भी देरी से आग की सूचना के बाद मौके पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी देर से आए। यहां एडीएम विवेक सिंह, एएसपी रघुवंश सिंह भदौरिया, एसडीएम प्रदीप तोमर, सीएसपी एसएस तोमर, तहसीलदार नरेश गुप्ता व कोतवाली टीआई जितेंद्र नगाइच मय...

Vice null Time३० मई २०१६ ००:३८:३१


अब जंगल दफ्तर में भी आग, शक का धुआं

1.547302 ०३ मई २०१६ २३:२७:३८ bhaskar

वन विभाग के जेल रोड स्थित मुख्यालय में मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे स्टोर रूम में आग से सैकड़ों फाइलें खाक हो गईं। आग से मुख्यालय में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सारे आला अफसर पहुंच गए। लेकिन तब तक सैकड़ों फाइलें जल चुकी थीं और कुछ अधजली बची हैं। इस आगजनी से वन विभाग में जबर्दस्त चर्चाएं छिड़ गई हैं और कई तरह के अंदेशे भी व्यक्त किए जाने लगे हैं। पुलिस ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। हालांकि वन अफसरों का दावा है कि स्टोर रूम के पीछे सूखे पत्ते जलाए गए थे। उसकी चिंगारी एक सूखी बेल पर पहुंच गई। बेल भीतर स्टोर रूम तक पहुंच गई थी। उसी से आग स्टोर रूम की फाइलों तक पहुंची और अग्निकांड हो गया। विभाग की यही थ्योरी कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। स्टोर में सैकड़ों फाइलें जलकर खाक हो गईं। दर्जनों फाइलें अधजली हालत में बची हैं। अफसर हालांकि यह दावा कर रहे हैं कि स्टोर रूम में रखी एक भी फाइल काम की नहीं थी। उनका कहना है कि फाइलें चलन से बाहर हो गई थीं, इस वजह से वहां रखा गया था। दूसरी ओर पूरा घटनाक्रम और फाइलों का जल जाना दूसरी ओर इशारा कर रहा...

Vice null Time०३ मई २०१६ २३:२७:३८


ऋषिकेश के जंगलों में लगी आग, हाईवे पर छाया धुआं

1.537236 २९ अप्रैल २०१६ १०:२६:३१ Jagran Hindi News - uttarakhand:dehradun-city

उत्‍तराखंड में आग का कहर थम नहीं रहा। आज वन विभाग की मोतीचूर रेंज में आग लग गई। आग तेजी से रिहायशी क्षेत्र की तरफ बढ़ रही है। आग के कारण हाईवे पर धुआं छा गया।

Vice सभी समाचार Time२९ अप्रैल २०१६ १०:२६:३१


धुआं उगल रहे अनफिट वाहन, लोग सांस की बीमारी के शिकार

1.537236 १४ मार्च २०१६ २२:१५:५७ bhaskar

नगर में पुराने खटारा वाहनों से निकल रहा काला धुंआ लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। पिछले डेढ़ दशक से वाहनों की बिक्री में तेजी से इजाफा हुआ है। इससे नगरीय क्षेत्र में लोगों को सांस संबंधित बीमारी हो रही है। बड़े वाहनों के बढ़ने से रोड पर लोड भी बढ़ा है। हर दो मिनट में वाहनों के गुजरने से उसके धुएं के अलावा उड़ने वाली धूल भी लोगों के सेहत के लिए मुसीबत बनी है। प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई करने वाले विभाग का नगर में कोई प्रभावी तंत्र नहीं है। नगर के आबादी बहुल इलाकों के बीचों बीच एफसीआई और वेयर हाउस की गोदाम है। यहां दिनभर मालवाहक की आवाजाही लगी रहती है। यातायात व पुलिस विभाग की ओर से बड़े मालवाहक वाहनों की जांच नहीं की जा रही है। इतना ही नहीं पुरानी ट्रकों केरोसिन से चल रही हैं। इसके बावजूद विभाग बेखबर है। वाहनों से निकलता धुंआ राइस मिल का कोहरा वातावरण में जहर घोल रहा है। यह सब देखने के बाद भी ट्रैफिक अमला कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। नगर की यातायात व्यवस्था के सुधार की कोशिशें करते अक्सर यातायात विभाग दिखता है, लेकिन यह व्यवस्था इस कदर चरमराई हुई है...

Vice null Time१४ मार्च २०१६ २२:१५:५७