महंगी हो सकती है बिजली

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१४ जनवरी २०१८ ००:५४:५६ Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news

घाटा दूर करने को बोर्ड ने नियामक आयोग को सौंपा नया टैरिफ प्लान शिमला— प्रदेश में इस दफा बिजली के दामों में वृद्धि हो सकती है। पिछली साल विद्युत नियामक आयोग ने दामों में बढ़ोतरी नहीं की थी, परंतु इससे बिजली बोर्ड का नुकसान बढ़ गया है। अपने घाटे को दूर के दृष्टिगत बिजली बोर्ड पर पूर्ण लेख महंगी हो सकती है बिजली

Vice null Time१४ जनवरी २०१८ ००:५४:५६


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यूपी में जुलाई से महंगी हो सकती है बिजली

4.982259 १५ मई २०१७ ०५:२९:४५ Jagran Hindi News - uttar-pradesh:lucknow-city

आगामी चुनावों को देखते हुए छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को बढ़ोत्तरी से राहत मिल सकती है, लेकिन व्यवसायिक और औद्योगिक बिजली महंगी हो जाएगी।

Vice सभी समाचार Time१५ मई २०१७ ०५:२९:४५


प्रदेश में 30% महंगी हो सकती है बिजली

4.982259 २१ मार्च २०१६ २१:५१:२० bhaskar

शिमला | राज्यमें बिजली 20-30 फीसदी तक महंगी हो सकती है। बिजली की दरें तय करने की कसरत विभाग की याचिका पर शुरू हो गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बोर्ड की याचिका पर दस्तावेज मांगे हैं। इन दस्तावेजों के मिलने के बाद नई दरों पर फैसला हो सकता है। बोर्ड ने बढ़ते खर्चों और राजस्व में रही कमी को देखते हुए बिजली की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। इस मसले पर बोर्ड की याचिका के 120 दिन के भीतर राज्य विद्युत नियामक आयोग बिजली की नई दरों को लेकर फैसला देता है। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बोर्ड ने याचिका दायर कर दी थी। 2000 करोड़ रुपए के घाटे में है प्रदेश का बिजली बोर्ड प्रदेशबिजली बोर्ड पिछले कई सालों से बिजली की दरों को बढ़ाने की मांग कर रहा है। एक साल आयोग ने दरों में इजाफे की बजाय कटौती का फैसला दिया था। इसके बाद बिजली बोर्ड ने दोबारा से बिजली की दरों पर विचार के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन बोर्ड को इस पर राहत नहीं मिल सकी थी। इस बार बिजली बोर्ड को भी उम्मीद है कि आयोग की आेर से बिजली दरों में बढ़ोतरी का फैसला दिया जा सकता है। नई दरें तय होने के बाद भी घरेलू...

Vice null Time२१ मार्च २०१६ २१:५१:२०


15 फीसदी महंगी हो सकती है बिजली

4.982259 ०२ दिसंबर २०१५ २३:०७:५४ bhaskar

भोपाल. बिजली के दाम पंद्रह फीसदी तक बढ़ सकते हैं। टैरिफ का ज्यादातर भार घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर ही आएगा, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र की बिजली पहले ही महंगी है और किसानों के टैरिफ में वृद्धि की संभावना नहीं है। पावर मैनेजमेंट कंपनी तीनों वितरण कंपनियों के खर्चों का हिसाब लगाकर टैरिफ प्रस्ताव तैयार कर रही है। कंपनी को यह प्रस्ताव 15 दिसंबर तक विद्युत नियामक आयोग को सौंपना है। आयोग इस प्रस्ताव का परीक्षण और जनसुनवाई करने के बाद नया टैरिफ जारी करेगा। अगले वित्त वर्ष का बिजली टैरिफ तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पावर मैनेजमेंट कंपनी को दिसंबर के पहले सप्ताह तक तीनों वितरण कंपनियों की ओर से विद्युत नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व आवश्यकता और उसके अनुसार टैरिफ प्रस्ताव जमा कराना था। मैनेजमेंट कंपनी के अनुरोध पर आयोग ने यह समय सीमा 15 दिसंबर तक बढ़ा दी है। बिजली टैरिफ के प्रस्ताव के लिए कंपनियों के खर्चों का हिसाब लगाया जा रहा है। 15 दिसंबर से पहले हम यह आयोग को सौंप देंगे। बढ़ते खर्चों के कारण टैरिफ में वृद्धि जरूरी है। -संजय शुक्ला, एमडी,...

Vice null Time०२ दिसंबर २०१५ २३:०७:५४


आज से बिजली महंगी होगी, एलपीजी हो सकती है सस्ती

4.982259 ०१ जुलाई २०१५ ००:०७:१० bhaskar

भोपाल. जुलाई के पहले दिन से बिजली कुछ और महंगी हो जाएगी। मप्र विद्युत नियामक आयोग से हरी झंडी मिलते ही बिजली कंपनी ने फ्यूल चार्ज 3 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाकर 32 पैसे कर दिया है। अच्छी खबर यह है कि घरेलू और कमर्शियल रसोई गैस 5.62 फीसदी तक सस्ती हो सकती है। अभी तक बिजली कंपनी उपभोक्ताओं से 29 पैसे प्रति यूनिट यह चार्ज वसूल रही थी। कंपनी ने जुलाई से सितंबर तक के क्वार्टर के लिए इसमें 3 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया है। इससे पहले 25 अप्रैल से बिजली दरों में नौ फीसदी बढ़ोतरी की गई थी। इधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रोपेन और ब्यूटेन गैस के दाम घटने से रसोई गैस सस्ती हो सकती है। ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के स्टेट प्रेसीडेंट और एक्सपर्ट आरके गुप्ता का कहना है कि हमारे देश में एलपीजी के दाम प्रोपेन और ब्यूटेन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत पर ही निर्भर हैं। इसलिए सस्ती हो सकती है एलपीजी : लिक्विड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी में 70 फीसदी प्राेपेन और 30 फीसदी ब्यूटेन गैस का मिश्रण होता है। इन दोनों के दाम घटने से घरेलू रसोई...

Vice null Time०१ जुलाई २०१५ ००:०७:१०


आज से बिजली महंगी होगी, एलपीजी हो सकती है सस्ती

4.982259 ३० जून २०१५ २३:२७:५८ bhaskar

जुलाई के पहले दिन से बिजली कुछ और महंगी हो जाएगी। मप्र विद्युत नियामक आयोग से हरी झंडी मिलते ही बिजली कंपनी ने फ्यूल चार्ज 3 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाकर 32 पैसे कर दिया है। हालांकि एक अच्छी खबर है कि घरेलू और कमर्शियल रसोई गैस 5.62 फीसदी तक सस्ती हो सकती है। अभी तक बिजली कंपनी उपभोक्ताओं से 29 पैसे प्रति यूनिट यह चार्ज वसूल रही थी। कंपनी ने जुलाई से सितंबर तक के क्वार्टर के लिए इसमें 3 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया है। इससे पहले 25 अप्रैल से बिजली दरों में नौ फीसदी बढ़ोतरी की गई थी। इधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रोपेन और ब्यूटेन गैस के दाम घटने से रसोई गैस सस्ती हो सकती है। शेष | पेज 12 पर ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के स्टेट प्रेसीडेंट और एक्सपर्ट आरके गुप्ता का कहना है कि हमारे देश में एलपीजी के दाम प्रोपेन और ब्यूटेन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत पर ही निर्भर हैं। इसलिए सस्ती हो सकती है एलपीजी : लिक्विड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी में 70 फीसदी प्राेपेन और 30 फीसदी ब्यूटेन गैस का मिश्रण होता है। इन दोनों के दाम घटने से घरेलू रसोई गैस के दाम में...

Vice null Time३० जून २०१५ २३:२७:५८


दिल्लीः जून से महंगी हो सकती है बिजली

4.982259 २२ मई २०१५ २३:१८:०३ Navbharat Times

पावर टैरिफ पर इस महीने नहीं बल्कि अगले महीने पब्लिक हियरिंग की जाएगी। इसके बाद ही...पावर टैरिफ पर इस महीने नहीं बल्कि अगले महीने पब्लिक हियरिंग की जाएगी। इसके बाद ही...

Vice सभी समाचार Time२२ मई २०१५ २३:१८:०३


बिजली हो सकती है 10 फीसदी तक महंगी

4.982259 १० अप्रैल २०१५ ००:२९:२० bhaskar

घरेलू बिजली 10% तक महंगी हो सकती है। यह वृद्धि बिजली कंपनी अपने घाटे की भरपाई के नाम पर करा रही है। उसने मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में दाखिल याचिका में 22% बढ़ोतरी करने की जरूरत बताई है। बिजली कंपनी की इस याचिका में आयोग ने तीन शहरों में सुनवाई कर उपभोक्ताओं का पक्ष जाना। इसके बाद आयोग बिजली दरों में बढ़ोतरी का ऐलान जल्द ही कर सकता है। बिजली कंपनी ने आयोग में दायर याचिका में कहा है कि कंपनी 1700 करोड़ के घाटे में हैं। कंपनी ने वार्षिक राजस्व जरूरत (एआरआर) पूरी करने के लिए बिजली दरें बढ़ाने पर जोर दिया है। शेष | पेज 17 पर बिजली की लागत और खर्च दोनों में काफी इजाफा हुआ हैं। साथ ही डिमांड भी बढ़ी हैं। पिछले दो साल से बिजली दरों में सिर्फ 0 .78 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं, कंपनी औसतन 3.53 रु. प्रति यूनिट बिजली खरीदकर घरेलू उपभोक्ताओं को औसतन 5.74 रु. प्रति यूनिट बेचती है। इसमें 2.21 रु. यानि 63 फीसदी का अंतर है। इस कारण भी उसकी वित्तीय स्थिति लड़खड़ा गई हैं। उपभोक्ताओं का पक्ष सुना: आयोग ने पिछले महीने उपभोक्ताओं से आपत्ति व सुझाव बुलाकर इंदौर, भोपाल और जबलपुर में जनसुनवाई की...

Vice null Time१० अप्रैल २०१५ ००:२९:२०


बिजली हो सकती है दस फीसदी महंगी

4.982259 ०९ अप्रैल २०१५ २३:४१:४३ bhaskar

बिजली हो सकती है दस फीसदी महंगी भास्कर न्यूज | भोपाल घरेलू बिजली 10% तक महंगी हो सकती है। यह वृद्धि बिजली कंपनी अपने घाटे की भरपाई के नाम पर करा रही है। उसने मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग में दाखिल याचिका में 22% बढ़ोतरी करने की जरूरत बताई है। बिजली कंपनी की इस याचिका में आयोग ने तीन शहरों में सुनवाई करके उपभोक्ताओं का पक्ष जान लिया है। अब आयोग बिजली दरों में बढ़ोतरी का जल्द ही ऐलान कर सकता है। बिजली कंपनी ने याचिका में कहा है कि कंपनी 1700 करोड़ रु. के घाटे में हैं। कंपनी ने वार्षिक राजस्व जरूरत पूरी करने के लिए बिजली दर में वृद्धि करने पर जोर दिया है। पेज 4 भी पढ़ें बिजली की लागत और खर्च दोनों में काफी इजाफा हुआ हैं। साथ ही डिमांड भी बढ़ी हैं। पिछले दो साल से बिजली दरों में सिर्फ 0 .78 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं, कंपनी औसतन 3.53 रु. प्रति यूनिट बिजली खरीदकर घरेलू उपभोक्ताओं को औसतन 5.74 रु. प्रति यूनिट बेचती है। इसमें 2.21 रु. यानि 63 फीसदी का अंतर है। इस कारण भी उसकी वित्तीय स्थिति लड़खड़ा गई हैं। उपभोक्ताओं का पक्ष सुना: आयोग ने पिछले महीने उपभोक्ताओं से आपत्ति व सुझाव...

Vice null Time०९ अप्रैल २०१५ २३:४१:४३


अप्रैल से 10 %महंगी हो सकती है बिजली

4.982259 १९ मार्च २०१५ २२:१८:०३ bhaskar

यदि 300 यूनिट बिजली का इस्तेमाल करते हैं तो एक अप्रैल से आपकी जेब पर हर महीने 116 रुपए का बोझ आ सकता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मप्र विद्युत नियामक आयोग के सामने वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए बिजली दरों में 22 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा है। यदि बिजली की दरें 10 फीसदी भी बढ़ी तो 300 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने वाले एक उपभोक्ता पर 115.96 रु. का बोझ बढ़ेगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 27 लाख उपभोक्ताओं की जेब पर 31 करोड़ 36 लाख रुपए का हर महीने भार आएगा। आयोग शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाहपुरा स्थित प्रशासन अकादमी में सुनवाई करेगा। 24 मार्च को जबलपुर में सुनवाई करने के बाद आयोग दरें तय कर देगा। नई दरें एक अप्रैल से लागू हो सकती है। मध्य क्षेत्र कंपनी ने आयोग के सामने पेश किए गए वार्षिक राजस्व जरूरत (एआरआर) में 1700 करोड़ रुपए का घाटा दर्शाया है। पिछले दो साल से बिजली दरों में सिर्फ 0.77 फीसदी का इजाफा हुआ था। भोपाल शहर में 4 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं।

Vice null Time१९ मार्च २०१५ २२:१८:०३


दिल्ली में महंगी हो सकती है बिजली: डीईआरसी

4.982259 १८ फ़रवरी २०१५ १५:१९:३० Loktej

-बिजली की दरें १५ फीसदी बढ़ा सकता है डीईआरसी नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार हर रोज एक के बाद एक अपने चुनावी वादों को पूरा करने की कोशिश में लगी हुई है। लेकिन इस बीच आम आदमी पार्टी को डीईआरसी को बिजली का करंट लग सकता है। डीईआरसी बिजली की दरें १० से १५ फीसदी बढ़ा

Vice null Time१८ फ़रवरी २०१५ १५:१९:३०