हर मां-बाप चाहते हैं बच्चें की अच्छी परवरिश

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१४ जनवरी २०१८ ००:५४:५६ Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news

कभी-कभी ऐसा होता है कि माता-पिता अपने बच्चों को हमेशा अपने नजदीक ही रखते हैं, यह सामान्य सी बात है, लेकिन बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए जरूरी होता है एक अच्छा वातावरण जो दूसरे हमउम्र बच्चों के साथ मिलकर बनता है। एक शहर या घर में माता-पिता के साथ बच्चों की परवरिश की अपेक्षा पर पूर्ण लेख हर मां-बाप चाहते हैं बच्चें की अच्छी परवरिश

Vice null Time१४ जनवरी २०१८ ००:५४:५६


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शहर से गुम दो बच्चियां मिलीं कवर्धा में, अच्छी परवरिश के लिए दिया था मां ने, आरोपी गिरफ्तार

2.1710858 २६ मार्च २०१७ ०३:१५:३८ bhaskar

आजाद चौक से 6 महीने से गायब 9 साल और 12 साल की बहनेें कवर्धा में मिल गई। मंडला के लालभेंगी दंपत्ति ने बच्चियों की मां को ही अच्छी परवरिश का झांसा दिया था और उससे बच्चियां ले गए थे। पुलिस ने बच्चियों को रिहा करवाया, तब पता चला कि बच्चियों से ट्रेन में भीख मंगवाई गई, फिर कवर्धा ले जाकर मजदूरी भी कराई गई। बच्चियों ने यह भी बताया कि उनका शारीरिक शोषण भी हुआ। कवर्धा पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बच्चियां पिता को सौंप दी गईं क्योंकि वही उन्हें तलाश रहा था। मां अभी पुलिस को नहीं मिली है। पुलिस के मुताबिक मंडला मध्यप्रदेश के अजय लालभेंगी और उसकी प|ी सुनीता लालभेंगी मजदूर हैं। तिल्दा स्टेशन में पिछले साल दोनों की मुलाकात बच्चियों की मां से हुई। वह घर छोड़कर निकली थी तो बच्चियां भी पीछे-पीछे आ गई थीं। दंपत्ति ने महिला से कहा कि दोनों की अच्छी परवरिश करेंगे। इस वजह से महिला ने अंजान लोगों को बच्चियां सौंप दीं और वहां से चली गई। आरोपी बच्चियों को लेकर भाटापारा चले गए। वहां उनसे ट्रेन में भीख मंगवाने लगे। एक माह बाद सिमगा आ गए और भीख...

Vice null Time२६ मार्च २०१७ ०३:१५:३८


अपने बच्चों को हमेशा अच्छे संस्कार और परवरिश दें हर माता-पिता : पंडित मेहता

2.1394994 २९ दिसंबर २०१६ ००:५४:१२ bhaskar

कोटा| जीवनपूर्ण समक्षता से जीना चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए। परिवार में नाते भगवान बनाता है, लेकिन रिश्ते हम बनाते हैं। प|ी और पति के नाते और रिश्ते दोनों होते हैं। इसे बनाए रखना चाहिए। यह बात प्रबंधन गुरु पंडित विजय शंकर मेहता ने हनुमंत वाटिका में श्रीमद भागवत कथा- एक विलक्षण अनुभव के छठे दिन कही। उन्होंने कहा कि जीवन हंसकर और दूसरे के काम आते हुए बिताना चाहिए। इस उदासी और अवसाद से नहीं जीना चाहिए। जीवन हंसते हुए बिताने से कई कष्ट अपने आप दूर हो जाते हैं। उन्होंने कथा के माध्यम से संकल्प दिलाया कि सुबह जल्दी उठें, नियमित पूजन करें, किसी का अपमान नहीं करें, किसी को अपशब्द नहीं कहें, किसी से मतभेद हो तो उसे तुरंत दूर करें, पति-प|ी बच्चों के सामने झगड़ा नहीं करें, सार्वजनिक रूप से प|ी का अपमान नहीं करें, कोई प्रश्न पूछे तो उसका उचित उत्तर दें, थोड़ा समय अपने बुजुर्गों को दें। उन्होंने दान करते समय अपनी सबसे प्रिय वस्तु की दान करें। प्रत्येक भक्त गोसेवा जरूर करें। भगवान ज्ञिसासा का विषय है सुनने का नहीं। संत किसी के यहां खाना खाते हैं तो...

Vice null Time२९ दिसंबर २०१६ ००:५४:१२


बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए 5 बातों पर दें ध्यान

1.9165202 १० दिसंबर २०१६ २२:३७:४० bhaskar

एपीजे स्कूल में मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. शंकर गोयंका ने कहा जालंधर | रिसर्चकहती है 96.5 फीसदी बच्चे डिप्रेशन का शिकार हैं। इसका कारण कहीं कहीं पेरेंटिंग में की गई गलतियां होती हैं। जरूरत है आप बच्चों के साथ समय बिताएं, कम्यूनिकेशन गैप खत्म करें और उनपर भरोसा करें ताकि वे आत्मविश्वास खोएं। एपीजे में मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. शंकर गोयंका भास्कर को बताईं पेरेंट्स की 5 गलतियां, जिन्हें आप कतई दोहराएं। Î खुदअनुशासन अपनाएं पेरेंट्सबच्चों को समय पर पढ़ो, समय पर सो जाओ, समय पर उठो। अनुशासन में रहा करो। शरारत नहीं करनी, जैसी बातों से अनुशासन सिखाते हैं लेकिन क्या हम खुद अनुशासन में रहते हैं। नहीं। इसलिए पहले खुद अनुशासन में रहना सीखें। Ë उम्मीदेंकम थोपें बच्चोंसे बहुत ज्यादा उम्मीदें रखें। जैसा वह खेलने गया है, गोल्ड लेकर लौटेगा। जब बच्चा सिल्वर लाता है तो पेरेंट्स उसे डांटते हैं। तुझे प्रेक्टिस के लिए इंटरनेशनल कोच के पास भेजा, ये किया, वो किया। ऐसा कहना बच्चे की सेहत और दिमाग पर असर डालेगा। Ì कम्यूनिकेशनगैप खत्म करें पेरेंट्सबच्चों से बात करना भूलते जा रहे...

Vice null Time१० दिसंबर २०१६ २२:३७:४०


NIT: मां-बाप चाहते हैं बच्चों को घर लौटा लाना

1.8338567 ०९ अप्रैल २०१६ ०८:३६:११ Navbharat Times

NIT श्रीनगर में बढ़े तनाव का असर राजस्थान में भी दिख रहा है। संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों में सबसे ज्यादा संख्या इसी प्रदेश के छात्रों की है। NIT में पढ़ रहे कई छात्रों के अभिभावक परेशान हैं। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे सही-सलामत घर लौट आएं।NIT श्रीनगर में बढ़े तनाव का असर राजस्थान में भी दिख रहा है। संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों में सबसे ज्यादा संख्या इसी प्रदेश के छात्रों की है। NIT में पढ़ रहे कई छात्रों के अभिभावक परेशान हैं। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे सही-सलामत घर लौट आएं।

Vice सभी समाचार Time०९ अप्रैल २०१६ ०८:३६:११


'बेटे-बेटी के बा‌लिग होने तक परवरिश की जिम्मेदारी मां-‌बाप की'

1.8104606 १९ मार्च २०१६ १२:५३:०९ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

गुजरात हाइकोर्ट ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि जब तक एक पुत्र व्यस्क न हो जाए तब तक उसकी जिम्मेदारी माता पिता की ही होगी।

Vice सभी समाचार Time१९ मार्च २०१६ १२:५३:०९


बच्चों की परवरिश में ध्यान रखनी चाहिए ये बातें

1.8104606 १७ फ़रवरी २०१६ १२:२३:३५ bhaskar

बेटे-बेटी के लालन-पालन में भेद नहीं होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार तो यह पाप है। इस संसार की जो पहली पांच संतानें हुई थीं, उनमें से तीन बेटियां थीं। मनु-शतरूपा हिंदू संस्कृति के अनुसार मनुष्यों के पहले माता-पिता थे और उनसे जो मैथुनि सृष्टि निर्मित हुई उसमें दो पुत्र- उत्तानपाद और प्रियव्रत तथा तीन बेटियां -आकुति, देवहुति और प्रसूति ने जन्म लिया था। समझदार माता-पिता अब दोनों को एक जैसा पाल रहे हैं, लेकिन इसी के साथ एक जागरूकता और आनी चाहिए। लालन-पालन में भेद न करें, लेकिन दोनों के सामने जो भविष्य में चुनौतियां आने वाली हैं, उस फर्क को उन्हें जरूर समझाएं। बेटियों को एक दिन बहू बनना है, जो सबसे बड़ी चुनौती है। इस समय की पढ़ी-लिखी बच्चियां अपने वैवाहिक जीवन के बाद के भविष्य को लेकर थोड़ी चिंतित तो हैं पर फिर भी एक बेफिक्री है कि संबंध नहीं जमा तो तोड़ लेंगे। किंतु उनके मां-बाप के लिए तो यह जीवन-मरण का प्रश्न है, इसलिए बच्चों के लालन-पालन में बेटे-बेटी को यह एहसास जरूर कराया जाए कि स्त्री के लिए क्या मायने हैं ससुराल के। पहला तो बदलाव, दूसरा अपेक्षा...

Vice null Time१७ फ़रवरी २०१६ १२:२३:३५


बच्चे के खत में 'मां-बाप अच्छे' पढ़कर रो पड़े लोग

1.7186477 ३० नवंबर २०१५ ०५:०३:५४ Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city

-बाप के सपने पूरे नहीं कर पाने की कसक में परेशान छात्र ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। जान देने से पहले उसने अपना दर्द एक खत में बयां किया। खत पढ़कर लोगों की आंखें भर आईं।

Vice सभी समाचार Time३० नवंबर २०१५ ०५:०३:५४


मुश्किल है मां बनकर बच्चों की परवरिश लेकिन असंभव नहीं

1.7075509 २० जून २०१५ २२:५५:४७ bhaskar

अशोक मलिक ने मां बनकर पाला दोनों बच्चों को बेटी फिजा बड़े गर्व से कहती हैं- हमसाधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं लेकिन डैडी ने कभी जरूरी चीजों की कमी महसूस नहीं होने दी। उनका शांत स्वभाव और चेहरे पर हम दोनों भाई-बहनों की चिंता में एक भाव मां का भी समाहित रहता है। बकौल फिजा- मेरे डैडी सबसे बेस्ट हैं इन्होंने हमें पिता के साथ-साथ मां जैसा दुलार हमेशा दिया है। आज फिजा और उनका छोटा भाई माेनिल दोनों इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर में है, मोनिल जयपुर तथा फिजा अलवर से अपनी पढ़ाई पूरी कर बेस्ट इंजीनियर बनकर पिता के सपनों को पूरा करनी चाहते हैं। डीआरडीए में लिपिक पद पर कार्यरत साउथ वेस्ट ब्लाॅक निवासी अशोक मलिक, घर और बाहर दोनों जगह अपनी संजीदगी और सादगी के लिए जाने जाते हैं। 1991 में शादी हुई और इसके एक साल बाद बेटी का जन्म। प|ी की चाहत पर बेटी का नाम फिजा रखा गया। हंसते-खेलते चल रही जिंदगी में फिजा के जन्म के दो साल बाद एक और बड़ी खुशी ने दस्तक दी। वर्ष 1994 में बेटे के जन्म के साथ ही मलिक परिवार खुशियों से भर उठा, लेकिन दो सप्ताह बाद ही खुशियों पर ग्रहण लग गया। ब्रेन हेमरेज ने...

Vice null Time२० जून २०१५ २२:५५:४७


बच्चों की परवरिश में ध्यान रखनी चाहिए ये बात

1.6427317 ०९ अप्रैल २०१५ ११:२१:४६ bhaskar

घर-परिवार में सबसे मुश्किल होता है, संतान को संस्कारी बनाना। ये बात पूरी तरह गलत है कि बच्चों को संस्कारी और योग्य बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सुख-सुविधाओं की आवश्यकता होती है। “अभाव” में भी संतानों को योग्य बनाया जा सकता है। एक तरह से देखा जाए तो सिर्फ सुख ही नहीं, कभी-कभी हमें बच्चों को थोड़े अभाव में भी रखना चाहिए। तभी उन्हें जीवन के मूल्य का पता चलता है। महाभारत में कौरव और पांडवों को देखकर समझ सकते हैं ये बात... कौरवों को मिलीं सभी सुख-सुविधाएं महाभारत में दो तरह की संतानें हैं। पहली कौरव जो पूरे जीवन राजमहलों में रहे, सुविधाएं भोगीं। दूसरी पांडव जिनका जन्म और लालन-पालन जंगल में हुआ। पांडव और माद्री के देह त्यागने के बाद कुंती ने पांडवों को जंगल में अकेले पाला। वो सारे संस्कार दिए जो कौरवों में राजकीय सुविधाओं के बावजूद नहीं थे। दुर्योधन और उसके 99 भाई, सभी धूर्त और कुसंस्कारी निकले, लेकिन युधिष्ठिर और उसके चारों भाई सभी धर्मात्मा थे। कुंती ने अकेले उनको वो संस्कार दिए जो कौरवों को महल में भीष्म सहित सारे कौरव परिजन मिलकर भी...

Vice null Time०९ अप्रैल २०१५ ११:२१:४६


बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए जागरूक किए मां-बाप

1.5863932 २८ फ़रवरी २०१५ २१:४२:१५ bhaskar

सोलन|स्थानीय एमआरएडीएवी पब्लिक स्कूल में प्रिंसिपल अनुपमा शर्मा की अध्यक्षता में अभिभावकों के लिए ओरिएनटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इसमें अभिभावकों को अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा देने उनके विकास के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा अभिभावकों को स्कूल में अपनाई जा रही अध्यापन प्रक्रिया, नियमों कार्यप्रणाली से भी अवगत करवाया गया। प्रिंसिपल कहा कि अभिभावकों का सहयोग नियमों की जानकारी केवल स्कूल के लिए सहायक होती हैं अपितु विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भी सहायक है। एमआरडीएवी स्कूल में पेरेंट्स ओरिऐंटेशन प्रोग्राम में हिस्सा लेते अभिभावक।

Vice null Time२८ फ़रवरी २०१५ २१:४२:१५