हादसे रोकने को बढ़ी रेलवे बोर्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी

Press Report

समाचार स्रोतों की सूची लगातार अद्यतन

Share on Facebook Share on Twitter Share on Google+

Ads

१३ सितंबर २०१७ १८:०३:४० Jagran Hindi News - news:national

पटरियों के रखरखाव को सीधे तौर पर देखेंगे अध्यक्ष, कामों का नए सिरे से हुआ बंटवारा... पर पूर्ण लेख हादसे रोकने को बढ़ी रेलवे बोर्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी

Vice सभी समाचार Time१३ सितंबर २०१७ १८:०३:४०


Ads

प्रभु की इस्तीफे की पेशकश रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष बदले

1.6823038 २३ अगस्त २०१७ २२:५१:२८ Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news

नई दिल्ली — चार दिन के भीतर दो रेल दुर्घटनाओं के बाद तेजी से हुए घटनाक्रम में बुधवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जहां अपना इस्तीफा देने की पेशकश कर दी, वहीं सरकार ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अशोक कुमार मित्तल के इस्तीफे को

Vice null Time२३ अगस्त २०१७ २२:५१:२८


यूपी में दो बड़े रेल हादसों के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

1.6823038 २३ अगस्त २०१७ १४:४९:१६ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

उत्तर प्रदेश में दो बड़े रेल हादसों के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अशोक कुमार मित्तल ने अपना इस्तीफा दे दिया है। मित्तल ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को अपना इस्तीफा सौंपा है।

Vice null Time२३ अगस्त २०१७ १४:४९:१६


यूपी में दो बड़े रेल हादसों के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

1.3422394 २३ अगस्त २०१७ ११:०१:५३ Jagran Hindi News - news:national

हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि मित्तल का इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं।

Vice सभी समाचार Time२३ अगस्त २०१७ ११:०१:५३


कैफियत हादसा: रेलवे बोर्ड के चेयरमैन का इस्तीफा

1.3422394 २३ अगस्त २०१७ ०९:५५:३६ Navbharat Times

बीते चार दिन के अंदर हुए दो रेल हादसों के बाद रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल के इस्तीफे की खबर सामने आ रही है। लगातार बढ़ते रेल हादसों के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु लगातार दबाव का सामना कर रहे हैं।

Vice सभी समाचार Time२३ अगस्त २०१७ ०९:५५:३६


एके मित्‍तल रेलवे बोर्ड के पुनः अध्‍यक्ष

1.3005558 ३० जुलाई २०१६ १३:२८:१७ Swatantraawaz :: Rss Feed

नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष एके मित्‍तल को सेवाविस्तार देते हुए रेलवे बोर्ड का पुन: अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया है। उनका कार्यकाल 2 वर्ष का होगा। एके मित्‍तल को 31 दिसंबर 2014 को रेलवे बोर्ड का अध्‍यक्ष तथा भारत सरकार के पदेन प्रधान सचिव के रूप में नियुक्‍त किया गया था। रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष से पहले एके मित्‍तल...

Vice सभी समाचार Time३० जुलाई २०१६ १३:२८:१७


रेलवे भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष को विदाई

1.2368717 ०१ दिसंबर २०१५ २२:४२:५५ bhaskar

पटना | महेंद्रूस्थित रेलवे भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष जेएसपी सिंह को सेवानिवृत्त होने के बाद मंगलवार को विदाई दी गई। इस अवसर पर नए अध्यक्ष बीके सिंह का अभिनंदन भी किया गया। समारोह का संचालन रेल भर्ती बोर्ड, पटना के सहायक सचिव एके झा ने किया। समारोह में उन्होंने अपनी स्व रचित कविता विदाई-वेदना की प्रस्तुति की। इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष श्रीमती मित्तल, मुख्य कार्मिक अधिकारी सुशांत झा, सीडब्लूई एके चंद्रा आदि मौजूद थे।

Vice null Time०१ दिसंबर २०१५ २२:४२:५५


रेलिंग नहीं होने से हादसों की आशंका बढ़ी, जिम्मेदार नहीं दे रहे हैं ध्यान

1.1792935 १५ नवंबर २०१५ ०१:०८:३५ bhaskar

बरसात का मौसम खत्म हुए 2 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। इसके बाद भी बेतवा के चरणतीर्थ पुल पर रेलिंग नहीं लगाई गई है। इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। बारिश के सीजन में बेतवा का पानी पुल के ऊपर से निकलता है, इसलिए एमपीआरडीसी द्वारा बारिश से पहले पुल की रेलिंग निकाल ली जाती है और बारिश बंद होने के बाद फिर से पुल पर लगा दी जाती है। इस बार बारिश बंद हुए दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक रेलिंग नहीं लगाई गई है। वाहन चालक राजकुमार सिकरवार, मोहित यादव, महेंद्र सिंह आदि ने बताया कि रात के समय पुल से निकलने पर हादसे की आशंका बनी रहती है। विभाग को जल्द ही पुल पर रेलिंग लगाने का काम पूरा करना चाहिए। बारिश बाद भी नहीं लगी पुल पर रेलिंग

Vice null Time१५ नवंबर २०१५ ०१:०८:३५


हादसों को रोकने लगे संकेत बोर्ड गिरे

1.1531634 १८ जुलाई २०१५ २३:५५:२५ bhaskar

सागर-बीना के बीच 24 से ज्यादा संकेतक बोर्ड क्षतिग्रस्त, भारी वाहनों के ड्राइवर परेशान अनदेखी नेशनल हाइवे 26 ए पर सागर-बीना पर सड़क किनारे लगे संकेतक बोर्ड हादसों का कारण बन रहे हैंं। सड़क के दोनों ओर बीना तक करीब दो दर्जन से अधिक संकेतक बोर्ड को क्षतिग्रस्त हो चुके हैंं। सड़क किनारे कई बोर्ड उखड़े पड़े हुए हैं। बोर्ड उखड़ जाने से वाहन चालकों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है। जिससे मोड़ पर वाहनों की दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। भारी वाहनों की आवाजाही इस मार्ग पर ज्यादा है ऐसे में बोर्ड सही न होने से वाहन गलत रास्ते पर जाकर फंस जाते हैं। इस सड़क से प्रतिदिन जनप्रतिनिधि, अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन इस ओर अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया है। सिलोधा गांव के पास संकेतक बोर्ड क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा हुआ है। एक बोर्ड किशनपुरा मुगरयाऊ मार्ग के पास डला हैं। तीसरा बोर्ड जरूवाखेडा रेलवे फाटक के पास पड़ा है। जरूआखेड़ा पुलिस चैकी द्वारा लगवाया गया सीमा समाप्त का बोर्ड भी जमीन पर पड़ा हैं। जबकि सीमा को लेकर पुलिस थानों में हमेशा असमंजस बना रहता है। उसके बाद भी पुलिस विभाग इस...

Vice null Time१८ जुलाई २०१५ २३:५५:२५


बीआरटीएस पर हादसे के खतरे को बढ़ा रहे ये बोर्ड

1.1504909 २८ अप्रैल २०१५ २३:२९:५१ bhaskar

वाहन चालकों की सुरक्षा को दरकिनार कर बीआरटीएस कॉरिडोर को विज्ञापन कॉरिडोर बना दिया है। एआईसीटीएसएल प्रबंधन ने अपने फायदे के लिए कॉरिडोर की रैलिंग पर हर पांच कदम पर विज्ञापन के बोर्ड लगवा दिए हैं। ट्रैफिक एक्सपर्ट इसे हादसे की आशंका बढ़ाने वाला कदम मान रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी इन पर आपत्ति ली है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि एआईसीटीएसएल अपनी आमदनी की बजाय लोगों की सुरक्षा की चिंता क्यो नहीं कर रही है? एआईसीटीएसएल प्रबंधन ने पूरे कॉरिडोर पर विज्ञापन के अधिकार एक कंपनी को दे दिए हैं। इसके एवज में एआईसीटीएसएल को तीन साल में साढ़े सात करोड़ रुपए मिलेंगे। कंपनी ने कॉरिडोर की रैलिंग पर दोनों ओर विज्ञापन बोर्ड और सर्विस रोड पर पोल लगाकर होर्डिंग्स लगा दिए हैं। साथ ही ट्रैफिक सिग्नल पर भी विज्ञापन बोर्ड लगा दिए हैं। दैनिक भास्कर ने इसको लेकर ट्रैफिक एक्सपर्ट और ट्रैफिक पुलिस के अफसरों से बात की तो उन्होंने इसे गलत माना है। विज्ञापन वाले ये बोर्ड इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि मिक्स लेने में वैसे ही ट्रैफिक का बेहद दबाव है। रैलिंग लगे बोर्ड तो लाइट से...

Vice null Time२८ अप्रैल २०१५ २३:२९:५१


बोर्ड अध्यक्ष के नाते मैं ही जिम्मेदार, मुकर तो नहीं सकता : चौधरी

1.1504909 २६ अप्रैल २०१५ ०१:०५:५५ bhaskar

माध्यमिकशिक्षाबोर्ड अजमेर ने दोषियों के खिलाफ जांच बिठाने से पहले ही उस ईमानदार शिक्षक अमरचंद कुम्हार के खिलाफ जांच बिठा दी है, जिसने कॉपियों की जांच के एक बड़े घोटाले को बेनकाब कर पुलिस के हवाले करवाया। बोर्ड के अध्यक्ष बीएल चौधरी ने भास्कर को बताया कि बोर्ड ने शिक्षक से कॉपियां तत्काल प्रभाव से वापस मंगवा ली हैं और उनकी जांच करवाई जा रही है कि कहीं उसने ज्यादा नंबर तो नहीं दे दिए। भास्कर ने चौधरी से इस सनसनीखेज मामले पर विस्तार से बातचीत की तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि बोर्ड की गोपनीय शाखा में काम करने वाले अगर दफ्तर से पहले या बाद में किसी से मिलते हैं और किसी को कुछ बताते हैं तो वे क्या कर सकते हैं पढि़ए बोर्ड अध्यक्ष से सवाल जवाब :

Vice null Time२६ अप्रैल २०१५ ०१:०५:५५