चकमा, हाजोंग को नहीं मिलेगा मूल निवासियों जैसा अधिकार

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१३ सितंबर २०१७ १७:४४:३२ Jagran Hindi News - news:national

पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए चकमा और हाजोंग शरणार्थी अरुणाचल प्रदेश में रह रहे हैं। पर पूर्ण लेख चकमा, हाजोंग को नहीं मिलेगा मूल निवासियों जैसा अधिकार

Vice सभी समाचार Time१३ सितंबर २०१७ १७:४४:३२


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भर्तियों में दिक्कतें दूर करने के लिए विशेष मूल निवास प्रमाण-पत्र मिलेंगे

1.2110293 २२ दिसंबर २०१६ २३:५८:५८ bhaskar

बांसवाड़ा|कुछ तहसीलदारोंद्वारा मूल निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं करने से जनजाति क्षेत्र की भर्तियों में रही दिक्कतों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। इसके साथ ही जुलाई,2016 में जारी अधिसूचना के अनुसार तय प्रपत्र में विशेष मूल निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन या ऑफ लाइन जारी करने के आदेश दिए हैं। इसे लेकर कलेक्टर की ओर से सभी तहसीलदारों को जारी पत्र में कहा गया है कि टीएसपी क्षेत्र में विशेष मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राज्यपाल की ओर से 4 जुलाई,16 को अधिसूचना जारी की गई। इसमें स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित क्षेत्र के अभ्यर्थियों से आशय, क्षेत्र के निवासियों से हैं, जिनका जन्म 1 जनवरी 1970 के बाद हुआ है। उनके माता-पिता या पूर्वज इससे पहले से अनुसूचित क्षेत्र के निवासी रहे हैं। ऐसे में उसी अनुसार प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

Vice null Time२२ दिसंबर २०१६ २३:५८:५८


मूल निवासी संघ की सभा हुई

1.1962419 २० जून २०१६ २२:५५:४५ bhaskar

बारां | दलितआदिवासी एवं मूल निवासी संघ की सभा शिवाजीनगर में हुई। इसमें निशुल्क कोचिंग का प्रस्ताव रखा गया। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया गया। साथ ही कार्यकारिणी के विस्तार, संगठन की गतिविधियों संगठन की मजबूती पर विचार-विमर्श किया। सभा में आदिवासी प्रदेश प्रवक्ता लालजी भाई, प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश, काेटा जिलाध्यक्ष नरेंद्र, यूथ जिलायक्ष सूरज, कन्हैयालाल, राकेश मीणा, हेमराज बैरवा, जोधराज मीाण, भरत मीणा सहित कई छात्र मौजूद थे।

Vice null Time२० जून २०१६ २२:५५:४५


मूल निवासी की जरूरत नहीं, घोषणा-पत्र ही काफी

1.0930319 ०३ अप्रैल २०१६ २२:३६:२४ bhaskar

आय और मूल निवासी प्रमाण पत्र के लिए मध्यप्रदेश में स्वघोषित प्रमाण पत्र को मान्य किए जाने के सालभर बाद भी लोकसेवा केंद्रों में रोजाना इसके आवेदन पहुंच रहे हैं। राजधानी के लोकसेवा केंद्रों में ही रोजाना मूल निवासी और आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 100 से ज्यादा आवेदन आते हैं। जबकि हकीकत यह है कि मूल निवासी व आय के प्रमाण पत्र बनाने की जरूरत ही नहीं रह गई है। इसके लिए सरकार ने एक स्वघोषित घोषणा पत्र का फार्मेट तय कर दिया है। लोकसेवा केंद्र संचालकों का कहना है कि जब लोग आवेदन करते हैं तो हमें इसे बनाना ही पड़ता है। उधर राजस्व अधिकारियों का कहना है कि प्रमाण पत्र सिर्फ केंद्रीय सेवाओं व परीक्षाओं के लिए ही जरूरी है। इन सेवाओं में सेल्फ अटेस्टेड पत्र मान्य मध्यप्रदेश सरकार ने रोजमर्रा से जुड़ी सेवाओं में शपथ-पत्र की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इनके लिए सेल्फ अटेस्टेड घोषणा-पत्र मान्य होंगे। इन सेवाओं में बिजली कनेक्शन, छात्रवृत्ति, सामाजिक पेंशन, बीपीएल राशन कार्ड, रोजगार कार्यालय में पंजीयन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आदि को शामिल किया गया है।...

Vice null Time०३ अप्रैल २०१६ २२:३६:२४


झारखंड का मूल निवासी कौन, खड़ा हुआ सवाल!

1.0930319 १० जनवरी २०१६ १८:४७:२६ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

झारखंड में ऐसा लगता है कि स्थानीयता के मुद्दे पर आंदोलन एक बार फिर ज़ोर पकड़ने लगा है।

Vice null Time१० जनवरी २०१६ १८:४७:२६


झारखंड का मूल निवासी कौन, फिर खड़ा हुआ सवाल?

1.0930319 ०७ जनवरी २०१६ १८:०५:०९ Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

झारखंड में ऐसा लगता है कि स्थानीयता के मुद्दे पर आंदोलन एक बार फिर ज़ोर पकड़ने लगा है। इस मुद्दे पर एक दिन का झारखंड बंद भी रखा गया था।

Vice सभी समाचार Time०७ जनवरी २०१६ १८:०५:०९


उक्रांद ने उठाया मूल निवास का मुद्दा

1.0930319 २३ नवंबर २०१५ १२:०५:४८ Jagran Hindi News - uttarakhand:haridwar

रुद्रप्रयाग: उक्रांद ने सरकार से राज्य के मूल निवासियों के प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने

Vice सभी समाचार Time२३ नवंबर २०१५ १२:०५:४८


विद्यालय सहायक भर्ती में विशेष मूल निवास बाध्यता में मिले छूट

1.0930319 २७ अगस्त २०१५ ०२:२०:५६ bhaskar

बांसवाड़ा|विद्यार्थी मित्रशिक्षक संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन लिखकर विद्यालय सहायक भर्ती में विशेष मूल निवास की बाध्यता में छूट देने अथवा सामान्य मूल निवास को आवेदन में स्वीकार करने का आग्रह किया है। पत्र में बताया कि वर्ष 2013 में शिक्षा सहायक भर्ती के आवेदन में विशेष मूल निवास का जिक्र नहीं था। वहीं, विद्यार्थी मित्र योजना के तहत कार्य करने से विद्यार्थी मित्र लंबे समय से यहां रह रहे हैं, लेकिन भूमि संबंधी रिकार्ड नहीं होने से विशेष मूल निवास बनाने में परेशानी रही है।

Vice null Time२७ अगस्त २०१५ ०२:२०:५६


मूल निवास व आय प्रमाण पत्र के लिए एक रुपए में मिलेगा घोषणा पत्र का फाॅर्मेट

1.0367062 २८ जून २०१५ २३:१६:२४ bhaskar

भोपाल |मूल निवास व आय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म होने का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है। कलेक्टोरेट में जगह-जगह इसके बैनर व पंपलेट लगाए गए हैं। इसमें यह बताया गया कि इन प्रमाणपत्रों की अब जरूरत नहीं है। इसके लिए सिर्फ एक घोषणापत्र भरकर देना होगा। यह घोषणापत्र भी बैनर व पंपलेट में चस्पा किया गया है। इसके अलावा लोकसेवा केंद्र की विंडो से एक रुपए में यह फॉर्मेट दिया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में सभी सरकारी कार्यालयों में भी घोषणापत्र का यह फॉर्मेट उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के पोर्टल www.gad.nic.in से भी घोषणापत्र का यह फॉर्मेट डाउनलोड किया जा सकता है। राज्य सरकार ने फरवरी में मध्यप्रदेश की सेवाओं के लिए आय व मूल निवास प्रमाणपत्र के स्थान पर सेल्फ अटेस्टेड घोषणापत्र स्वीकार किए जाने को मंजूरी दी थी।

Vice null Time२८ जून २०१५ २३:१६:२४


मूल निवास व आय प्रमाण पत्र के लिए एक रुपए में मिलेगा घोषणा पत्र का फाॅर्मेट

1.0367062 २९ मई २०१५ ०१:१८:०८ bhaskar

सागर|मूल निवास व आय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म होने का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है। सिर्फ एक घोषणापत्र भरकर देना होगा। यह घोषणापत्र भी बैनर व पंपलेट में चस्पा किया गया है। इसके अलावा लोकसेवा केंद्र की विंडो से एक रुपए में यह फॉर्मेट दिया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में सभी सरकारी कार्यालयों में भी घोषणापत्र का यह फॉर्मेट उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य सरकार ने फरवरी में मध्यप्रदेश की सेवाओं के लिए आय व मूल निवास प्रमाणपत्र के स्थान पर सेल्फ अटेस्टेड घोषणापत्र स्वीकार किए जाने को मंजूरी दी थी।

Vice null Time२९ मई २०१५ ०१:१८:०८


मूल निवास व आय प्रमाण पत्र के लिए एक रुपए में मिलेगा घोषणा पत्र का फाॅर्मेट

0.90711784 २९ मई २०१५ ००:२९:०८ bhaskar

भोपाल |मूल निवास व आय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म होने का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है। कलेक्टोरेट में जगह-जगह इसके बैनर व पंपलेट लगाए गए हैं। इसमें यह बताया गया कि इन प्रमाणपत्रों की अब जरूरत नहीं है। इसके लिए सिर्फ एक घोषणापत्र भरकर देना होगा। यह घोषणापत्र भी बैनर व पंपलेट में चस्पा किया गया है। इसके अलावा लोकसेवा केंद्र की विंडो से एक रुपए में यह फॉर्मेट दिया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में सभी सरकारी कार्यालयों में भी घोषणापत्र का यह फॉर्मेट उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के पोर्टल www.gad.nic.in से भी घोषणापत्र का यह फॉर्मेट डाउनलोड किया जा सकता है। राज्य सरकार ने फरवरी में मध्यप्रदेश की सेवाओं के लिए आय व मूल निवास प्रमाणपत्र के स्थान पर सेल्फ अटेस्टेड घोषणापत्र स्वीकार किए जाने को मंजूरी दी थी।

Vice null Time२९ मई २०१५ ००:२९:०८