कमज़ोर संक्रमण नियंत्रण के कारण बढ़ी बच्चों में दवाप्रतिरोधक टीबी

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०९ जुलाई २०१७ १९:४४:२६ Hastakshep

हर बच्चे या व्यसक जिसको टीबी है उसको बिना विलम्ब पक्की जाँच मिलनी चाहिए और असरकारी दवाओं से उसका पक्का इलाज सुनिश्चित करना चाहिए: यदि हम ऐसा नहीं... यदि उपरोक्त लिंक काम न कर रहा हो तो पूरा आलेख पढ़ने के लिए लॉगिन करें। http://www.hastakshep.com पर पूर्ण लेख कमज़ोर संक्रमण नियंत्रण के कारण बढ़ी बच्चों में दवाप्रतिरोधक टीबी

Vice सभी समाचार Time०९ जुलाई २०१७ १९:४४:२६


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मानसून में बच्चों में बढ़ता है संक्रमण, रखें खास ख्याल

1.5521894 ०७ जुलाई २०१७ ०९:३६:०७ Jagran Hindi News - haryana:panchkula

मानसून में बच्चों में वेक्टर जनित बीमारियां होने के खतरा रहता है। डॉक्टरों के अनुसार इस मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है।

Vice सभी समाचार Time०७ जुलाई २०१७ ०९:३६:०७


टीबी का अलग वार्ड नहीं, संक्रमण का खतरा, तीन डॉक्टर पीड़ित

0.97054285 २८ मार्च २०१७ ०१:२५:२६ bhaskar

अंबेडकर अस्पताल के तीन जूनियर डॉक्टर टीबी से पीड़ित हो गए हैं। तीनों जूडो मेडिसिन विभाग के हैं। टीबी की पुष्टि के बाद उनके इलाज का कोर्स शुरू कर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार टीबी के मरीजों के इलाज के दौरान मॉस्क लगाना जरूरी है। ऐसा करने के बाद भी जूडो पीड़ित हो गए हैं। अस्पताल में टीबी के मरीजों के लिए कोई अलग से वार्ड ही नहीं हैं। अलग वार्ड नहीं होने से दूसरी बीमारी के मरीजों पर भी हमेशा खतरा बना रहता है। अब तीन जूनियर डाक्टरों को टीबी होने की खबर फैलने से पूरे वार्ड का स्टाफ और मरीज परेशान हैं। अस्पताल में पड़ताल से पता चला कि मेडिसिन विभाग के जूडो को पिछले कुछ दिनों से लगातार खांसी के साथ बलगम आ रहा था। पहले उन्होंने सामान्य इलाज करवाया। खांसी में फर्क नहीं पड़ा तब शंका के आधार पर टीबी की जांच करवायी गई। उनकी ड्यूटी टीबी एंड चेस्ट विभाग व मेडिसिन विभाग में थी। सामान्यत: मेडिसिन विभाग के जूडो की ड्यूटी दो-दो महीने के लिए टीबी विभाग में लगाई जाती है। टीबी विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स नहीं होने के कारण ऐसा किया जाता है। टीबी एंड चेस्ट विभाग के...

Vice null Time२८ मार्च २०१७ ०१:२५:२६


सामान्य वार्ड में टीबी के मरीज, संक्रमण फैलने का है खतरा

0.97011834 २६ नवंबर २०१६ २२:२८:०९ bhaskar

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष-13, 2073 अस्पताल के कुएं में मिली मरीज की लाश जिला अस्पताल परिसर के कुएं में एक वृद्ध की लाश मिलने से शनिवार सुबह सनसनी फैल गई। मरीज का शव बाहर निकाला तो पता चला मृतक अस्पताल में ही भर्ती था। पुलिस ने पंचनामा बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शनिवार सुबह सफाईकर्मी ने कुएं में झांककर देखा तो अंदर शव तैरता दिखाई दिया। उसने अस्पताल प्रबंधन को जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। होमगार्ड जवानों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। मृतक की उम्र 60 से 65 के बीच है। उसके हाथों में केनुला लगा हुआ था। सिविल सर्जन डॉ. बीएस बघेल ने बताया मरीज 18 से 22 नवंबर तक सर्जिकल वार्ड में भर्ती था। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। 22 नवंबर की शाम को वह कहीं चला गया था। अस्पताल के 10 वार्ड में 200 मरीज भर्ती हैं करीब इतने ही अटेंडर हैं ब्लड देने पहुंचे युवक तो बंद मिला ब्लड बैंक, पौन घंटे बाद खुला तब किया रक्तदान जिला अस्पताल में लापरवाही का एक और केस ब्लड बैंक के रूप में सामने आया है। एक महिला के लिए कुछ युवक रक्तदान करने पहुंचे तो ब्लड बैंक पर ताला लगा मिला।...

Vice null Time२६ नवंबर २०१६ २२:२८:०९


जिले में 24388 बच्चों को नहीं लगे टीके, संक्रमण और वायरस का बढ़ा खतरा

0.8715446 २४ फ़रवरी २०१६ ०१:०१:१८ bhaskar

सीकर. जिले में 24 हजार से ज्यादा बच्चे टीके लगने से वंचित हैं। इससे इन बच्चों में संक्रमण और वायरस का खतरा बढ़ गया है। बच्चों को टीके लगाकर सुरक्षित बनाने में जिले की स्थिति बेहद खराब है। प्रदेश में जिले की स्थिति निचले पांच स्थानों में शामिल है। कई टीके नहीं लग पाए एक रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 63324 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य लिया था। 31 जनवरी तक औसतन 38936 का टीकाकरण हो पाया। 24 हजार 388 बच्चों को जानलेवा बीमारियों डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, टीबी, खसरा, मिजल्स, मस्तिष्क ज्वर, हैपेटाइटिस से बचाने के लिए लगने वाले टीके नहीं लग पाए। दो माह पहले निदेशक आरसीएच ने सीएमएचओ-आरसीएचओ को पत्र भेजकर स्थिति में सुधार करने के निर्देश दिए थे। प्रदेश के पिछड़े जैसलमेर, जालौर, पाली और सिरोही जैसे जिलों से भी सीकर की स्थिति कमजोर है। टीकाकरण में जिले के लक्ष्मणगढ़, कूदन और श्रीमाधाेपुर ब्लॉक की स्थिति सबसे कमजोर है। टीकाकरण नहीं होने से इन बीमारियों का खतरा टीकाकरण नहीं होने के कारण डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेश,...

Vice null Time२४ फ़रवरी २०१६ ०१:०१:१८


सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर रहे टीबी के मरीज, संक्रमण का खतरा बढ़ा

0.84442335 ०८ फ़रवरी २०१६ २३:५८:५८ bhaskar

जिले में क्षय रोग के 2000 से अधिक रोगी तो ऑन रिकॉर्ड बीमार,बाकी की तलाश नहीं भास्कर संवाददाता | मुरैना टीबी जैसी संक्रामक बीमारी से ग्रसित गंभीर स्थिति के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में एक वार्ड तक नहीं है। यहां संक्रामक वार्ड नाम से एक संकुचित कक्ष में इन रोगियों को रखने की व्यवस्था है, जिनसे दूसरे रोगियों को टीबी रोग लग सकता है। इस ओर सिविल सर्जन डा.विनोद गुप्ता इस मामले की गंभीरता को को नहीं समझ रहे हैं। जबकि जिला क्षय रोग प्रभारी डा.अनुभा माहेश्वरी ने उनसे अलग वार्ड की मांग भी की है। क्योंकि जिले में टीबी (क्षय रोग) के मरीजों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। जबकि इस रोग की रोकथाम के लिए जिला स्वास्थ्य महकमा गंभीर नहीं है। ग्राउंड लेवल पर कुछ नहीं देखते सीएमएचओ जिले में टीबी रोग के मामले में ग्राउंड लेवल पर इसकी कोई मॉनीटरिंग नहीं हो रही कि इस बीमारी के मरीजों का क्या हाल है। न तो स्वास्थ्य कार्यकर्ता समाज में टीबी ग्रसित होकर टीबी फैलाने वाले रोगियों की पहचान करते हैं, न फील्ड आफिसर इन गंभीर रोगियों के इलाज के प्रति खुद गंभीर हैं। सबसे बड़ी कमी जिला...

Vice null Time०८ फ़रवरी २०१६ २३:५८:५८


मेडिका में संक्रमण नियंत्रण सप्ताह का उद्घाटन

0.77923405 १८ मई २०१५ २३:५५:४८ bhaskar

रांची | मेडिकाहॉस्पिटल में सोमवार को संक्रमण नियंत्रण सप्ताह शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एचडी शरण ने कहा कि संक्रमण के प्रति लोग जितने जागरूक होंगे, उतने ही प्रभावशाली ढंग से संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। अस्पताल में मरीजों को अस्पतालकर्मियों से और अस्पतालकर्मियों को मरीजों से संक्रमण का खतरा बना रहता है। लेकिन अस्पताल में काम करने वाले लोग, खासतौर पर नर्सें यदि थोड़ी सी भी सावधानी बरतती हैं, तो वे काफी हद तक संक्रमण से बच सकती हैं, औऱ् बचा सकती हैं।

Vice null Time१८ मई २०१५ २३:५५:४८


'अनदेखी' का संक्रमण, चेस्ट हास्पिटल को 'टीबी'

0.77923405 १५ अप्रैल २०१५ १७:३४:२० Jagran Hindi News - uttar-pradesh:kanpur-city

कानपुर, जागरण संवाददाता : मुरारी लाल चेस्ट हास्पिटल परिसर में बजबजाती गंदगी और सीवर में लोटते सुअर।

Vice सभी समाचार Time१५ अप्रैल २०१५ १७:३४:२०


सेंट्रल जेल में फैला टीबी का संक्रमण

0.7606973 २६ मार्च २०१५ १६:२९:०७ Jagran Hindi News - punjab:amritsar

संवाद सहयोगी, अमृतसर : सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदियों पर टीबी (ट्यूबरकुल बेसिलाई) का खतरा मंडरा

Vice सभी समाचार Time२६ मार्च २०१५ १६:२९:०७


दूसरे अंगों में भी बढ़ रहा टीबी का संक्रमण

0.7426088 २३ मार्च २०१५ १८:४८:५८ Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city

रणविजय सिंह, नई दिल्ली पहले फेफड़े की टीबी से मरीज परेशान थे। इस संक्रामक बीमारी पर अंकुश लगाने में

Vice सभी समाचार Time२३ मार्च २०१५ १८:४८:५८


टीबी नियंत्रण सप्ताह आज से

0.7036861 १७ मार्च २०१५ २२:१७:५४ bhaskar

विश्व क्षय (टीबी) दिवस 24 मार्च को है। जिला स्वास्थ्य समिति रोग के नियंत्रण के लिए 18 मार्च से गतिविधियां चलाई जाएंगी। जिला क्षय अधिकारी डॉ. आरके द्विवेदी ने बताया बुधवार को जिला अस्पताल में क्षय नियंत्रण सप्ताह शुरू होगा। पोस्टर प्रदर्शनी भी लगेगी। 19 को जिला क्षय केंद्र में अंतर महाविद्यालयीन चित्रकला प्रतियोगिता होगी। 20 मार्च को मल्हारगढ़ व सीतामऊ जनपद पंचायत में कार्यशाला, 21 मार्च को झुग्गी झोपड़ी, नाहर सैयद रोड, खिलचीपुरा की स्लम बस्तियों में जनजागृति के लिए प्रदर्शनी, प्रचार सामग्री व पंपलेट वितरण होगा। 22 को इंडस्ट्रीयल एरिया इंदिरा कॉलोनी में स्लेट पैंसिल कर्मकार बस्तियों में जागरूकता शिविर लगेगा। 23 को संजीत नाका, महाराणा प्रताप बस स्टैंड, आजाद चौक, मुल्तानपुरा में नुक्कड़ नाटक होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भावगढ़ में डाट्स प्रोवाइडर के लिए कार्यशाला लगेगी। 24 मार्च को जागरूकता रैली, नपा सभाकक्ष में सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सम्मेलन होगा। शाम को गांधी चौराहे पर रंगोली बनाकर टीबी सप्ताह का समापन होगा।

Vice null Time१७ मार्च २०१५ २२:१७:५४