अफीम पट्टा लिस्ट चित्तोरगढ

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प्रशासन ने अफीम पट्टे मामले में किसानों से जानकारी जुटाई

१६ जनवरी २०१७ ००:२२:०१ bhaskar

भवानीमंडी|करीब 60किसानों की दो माह पुरानी अफीम फसल नष्ट करवा देने के मामले में रविवार को प्रशासन ने संबंधित किसानों की मौका स्थिति की जानकारी जुटाई। नारकोटिक्स विभाग ने पिछले दिनों अफीम किसानों को अफीम काश्त के पट्टे जारी किए थे। इनमें से करीब 60 किसानों को अफीम बुवाई के लिए अपात्र मानते हुए उनसे अफीम की फसल हांकने को कह दिया था। इस पर किसानों ने पूर्व सरपंच विजयसिंह के नेतृत्व में प्रशासन को अवगत कराने के अलावा सीएम वसुंधरा राजे को बताया कि किसान अपनी फसल पर करीब 40 से 50 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं, अब इसे नष्ट कराने से उन्हें जबरदस्त नुकसान हो रहा है। इस पर प्रशासन ने इस मामले में पटवारी और गिरदावर को मौके पर भेजकर अफीम फसल की जानकारी ली।

Vice null Time१६ जनवरी २०१७ ००:२२:०१


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संशोधन: घटिया अफीम देने वालों के पट्टे बहाल होंगे

३० दिसंबर २०१६ २३:०७:३९ bhaskar

केंद्र सरकार ने नई अफीम में दूसरा बड़ा संशोधन किया है। इसमें प्रदेश के 900 किसानों के अफीम पट्टे बहाल कर दिया है। हालांकि पट्टे मिलने के बाद किसान अफीम बोवनी नहीं कर सकेंगे। अगले साल सामान्य रूप से वह अफीम खेती का हकदार होगा। नारकोटिक्स विभाग के अनुसार अफीम नीति 2016-17 में हुए संशोधन के अनुसार ऐसे किसान जिन्होंने 2007-08 व 2008-09 में घटिया अफीम देते हुए पुनः लाइसेंस प्राप्त किए। वह 2008-09 व 2009-10 में डीलाइसेंस नहीं हुए हो उन्हें निरंतर किसान मानते हुए लाइसेंस के पात्र माना जाएगा। ऐसे किसान जो 2004-05 से लेकर 2015-16 तक घटिया अफीम के कारण अपात्र हुए एवं पुनः कभी भी पात्र नहीं हुए वह इस नीति में लाइसेंस पाने के योग्य नहीं होगे। फसल वर्ष 2004-05 के पहले किसी वर्ष घटिया के कारण अपात्र हुआ हो उन्हें 103 प्रतिशत अफीम की पात्रता पूर्ण करनी होगी। ऐसे सभी किसान जो इस नए संशोधन के बाद पात्र हो रहे है वह इस वर्ष एवं खेती नहीं करने पर भी अगले वर्ष पात्र रहेंगे। नई नीति में संशोधन से प्रदेश के 900 किसानों को इसका लाभ मिलेगा। जवासा के राकेश मालवीय ने कहा नीति में संशोधन से किसानों को लाभ मिलेगा। सांसद...

Vice null Time३० दिसंबर २०१६ २३:०७:३९


अफीम किसानों को मिली राहत, 1200 पट्टे बहाल

२९ दिसंबर २०१६ २३:०१:२८ bhaskar

केंद्र सरकार ने दी राहत, सांसद सीपी जोशी के आग्रह को माना चित्तौड़गढ़|केंद्रसरकार ने प्रभावित अफीम किसानों के लिए और राहत देते हुए रूके हुए करीब 1200 पटटे वापस बहाल किए हैं। सांसद सीपी जोशी ने बताया कि अफीम नीति 2016-17 में और राहत देते हुए ऐसे किसान जिन्होंने फसल वर्ष 2007-08 2008-09 में घटिया देते हुए पुनः पालिसी के तहत लाईसेंस प्राप्त किए थे। साथ ही वर्ष 2008-09 2009-10 में डीलाईसेंस नहीं हुए हो, उन्हें निरंतर कृषक मानते हुए लाईसेंस के पात्र माने जाएंगे। ऐसे किसान जो 2004-05 से लेकर 2015-16 तक घटिया अफीम के कारण अपात्र हुए एवं वापस कभी भी पात्र नहीं हुए। ऐसे प्रभावित किसान इस नीति में लाईसेंस पाने के योग्य नहीं होगे। फसल वर्ष 2004-05 के पहले किसी वर्ष घटिया के कारण अपात्र हुआ हो उस पैरा 2 (द्वितीय) की पालना करनी होगी। इसके साथ ही ऐसे किसान जिन्हें पांच साल औसत की पात्रता के लिए घटिया वाले वर्ष को छोड़ एक और अतिरिक्त पूर्व वर्ष को वर्ष को जोड़ते हुए पांच वर्ष गिने जाए, उन्हें 103 प्रतिशत की पात्रता पूर्ण करनी होगी। जोशी ने बताया कि ऐसे सभी किसान जो इस नए संशोधन के बाद पात्र हो रहे हैं, वह इस वर्ष...

Vice null Time२९ दिसंबर २०१६ २३:०१:२८


अफीम के निरस्त पट्टों को बहाल करने की उठाई आवाज

२३ दिसंबर २०१६ ०२:३७:४२ bhaskar

रामगंजमंडी|अफीम उत्पादकसंघर्ष समिति की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकुमार योगी की अध्यक्षता में हुई। इसमें अफीम उत्पादक किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि नई अफीम नीति देरी से लागू करने से उत्पादकता प्रभावित होगी। समिति संयोजक भवानीशंकर धरतीपकड़ ने कहा कि रामगंजमंडी, लाडपुरा, सांगोद क्षेत्र के अफीम उत्पादक किसानों के साथ भेदभाव किया गया है। क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि का प्रभाव रहता है। पूर्व में यहां पर अफीम के हजारों पट्‌टे थे। सरकार की नीतियों से हाड़ौती में अफीम की खेती प्रभावित हुई है। अफीम की नई नीति में बदलाव करने से क्षेत्र में पट्‌टे तो जारी किए गए, लेकिन इनमें भी संशोधन होना चाहिए। साथ ही वक्ताओं ने पुराने निरस्त पट्‌टों को बहाल करने की भी मांग की।

Vice null Time२३ दिसंबर २०१६ ०२:३७:४२


दूसरे चरण में पुराने किसानों को अफीम पट्टा वितरण शुरू

०८ नवंबर २०१६ २३:२६:५० bhaskar

साल 2003-04 से लेकर 2015-16 के बीच पट्टे कटने वाले किसानों को नई अफीम नीति में पात्र मानने के बाद उन्हें पट्टों का वितरण मंगलवार से शुरू हो गया। इनको अफीम पट्टे देने के लिए मंदसौर बुलाया। किसानों के दस्तावेज के परीक्षण का काम दिनभर चला। खंड 1 के अधिकारी एस.आर. अवधिया ने बताया कि इस अविधि में मृत किसानों के वारिस भी पहुंचे। ऐसे किसानों को पट्टे की कार्रवाई करने में काफी परेशानी आ रही है। इन किसानों को बुलाया खंड 1 में 27 गांव के 346 किसान खंड 2 में 17 गांव 167 किसान खंड 3 में 7 गांव 80 किसान

Vice null Time०८ नवंबर २०१६ २३:२६:५०


145 गांवों में अफीम खेती के लिए दिए पट्टे

२७ अक्‍तूबर २०१६ २३:३०:५४ bhaskar

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ केंद्रीयनारकोटिक्स विभाग द्वारा चौथे दिन भी गुरूवार को मुखियाओं को पटटा सौंपने का कार्य जारी रहा। अभी तक केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग ने जिले के 145 गांवों के 4400 से अधिक किसानों को उनके खेतों में अफीम की खेती के लिए लाइसेंस जारी कर दिए हैं। केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग के भीलवाड़ा मार्ग स्थित आफिस में प्रतिदिन किसानों और खासकर मुखियाओं की भीड़ लग रही है। अफीम नीति जारी होने के बाद इन दिनों केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग पात्रताधारी किसानों को अफीम खेती के लिए लाइसेंस पहुंचाने का कार्य में जुटा है। प्रतिदिन संबंधित गांवों के मुखिया किसानों के पटटे लेने के लिए पहुंच रहे हैं। गुरूवार को चौथे दिन तक यहां संचालित हो रहे तीनों खंडों की ओर से 145 गांवों के 4400 किसानों के लिए पटटे जारी कर मुखियाओं को दे दिए गए थे। यहां संचालित खंड प्रथम के जिला अफीम अधिकारी एसकेसिंह, खंड तृतीय के राजेंद्रकुमार और नवसृजित खंड के जिला अफीम अधिकारी सुधीर यादव के निर्देशन में पटटा वितरण कार्य जारी है। पटटा वितरण शुक्रवार शनिवार को भी होगा। 30 31 अक्टूबर...

Vice null Time२७ अक्‍तूबर २०१६ २३:३०:५४


नई अफीम नीति की घोषणा, किसानों को मिलेंगे 25 हजार अफीम के पट्टे

२२ अक्‍तूबर २०१६ ०२:४८:४५ bhaskar

कोटा| केन्द्रसरकार ने वर्ष 2016-17 के लिए नई अफीम नीति की घोषणा कर दी है। वर्ष 1998-99 के बाद 18 सालों में पहली बार देशभर में अफीम (काला सोना) की खेती करने वाले 25 से 30 हजार किसानों को पट्टे मिलेंगे। नई अफीम नीति घोषित होने से राजस्‍थान के हाड़ौती, मेवाड़ और मध्यप्रदेश के मालवा में जश्‍न का माहौल है। किसान इसे केंद्र सरकार द्वारा दिवाली का तोहफा मान रहे हैं। खास बात यह है कि जिन अफीम किसानों के पिछले 5 सालों का औसत 103 प्रतिशत बैठता है तो वे भी अफीम के पट्टे के पात्र होंगे। मध्यप्रदेश और राजस्थान के उन किसानों को भी अफीम के नए पट्टे जारी किए जाएंगे, जिन्होंने वर्ष 2015-16 में 49 किलो प्रति हैक्टेयर या उससे अधिक अफीम सरकार को तुलवाई हो। वहीं, उत्तरप्रदेश में 47 किलो प्रति हैक्टेयर की औसत देने वाले किसानों को अफीम के पट्टे जारी किए जाएंगे। 2015-16 के पात्र किसानों को 20 आरी का पट्टा और नए जुड़ने वाले किसानों को 12 आरी का पट्टा दिया जाएगा। अब 1997-98 के बाद न्यूनतम पांच वर्ष तक अफीम जमा करवाने वाले किसान को भी अफीम का पट्टा मिलेगा। शेषपेज|12 वहीं,उन किसानों को पट्टा नहीं मिल पाएगा, जिनकी...

Vice null Time२२ अक्‍तूबर २०१६ ०२:४८:४५


अफीम पट्टा काश्तकारों की सूची ऑनलाइन कराने की मांग उठाई

१५ अक्‍तूबर २०१६ ००:१४:३२ bhaskar

भास्कर संवाददाता| भूपालसागर नारकोटिक्सविभाग द्वारा सन् 1998-99 के अफीम पट्टा काश्तकारों की सूची आॅनलाइन प्रकाशित करने में उपखंड के पारी गांव के अफीम पट्टा धारियों का एक भी नाम प्रकाशित नहीं होने से किसान मेवालाल खटीक, सरपंच देशराज गुर्जर, कैलाश गुर्जर, उदयराम खारोल, हीरालाल खारोल, श्यामलाल सालवी, भगवानलाल गुर्जर ने विभाग से शीघ्र ही सूची प्रकाशित करने की मांग की। कन्हैयालाल खारोल ने बताया कि नारकोटिक्स विभाग कोटा, चित्तौड़ नीमच कार्यालय में अधिकारियों से दूरभाष पर इस संबंध में जानकारी मांगने पर सभी जगह के अधिकारियों द्वारा यह जानकारी यहां नहीं है जवाब देकर टाल दिया। 1998-99 के दौरान पारी में 150 कृषकों में पट्टे थे जो कटते-कटते 40-45 रह गए थे, जिनको सरकार द्वारा अफीम की नई नीति तैयार कर 1998-99 के अफीम पट्टा काश्तकारों की सूची आॅनलाइन प्रकाशित करने से पुनः पट्टे मिलने की संभावना कर रहे है। जाशमा| कुरजवाया जाशमा चित्तौड़गढ़ रोडवेज बस को दोबारा संचालन करने की मांग क्षेत्रवासियों ने की है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले एक रोडवेज बस कुरज से चित्तोड़ चलाई गई। कुछ...

Vice null Time१५ अक्‍तूबर २०१६ ००:१४:३२


प‌ट‌्‌‌टे और रकबा बढ़ाने के दबाव में अटकी अफीम नीति, बुअाई में देर

१३ अक्‍तूबर २०१६ २३:३६:२३ bhaskar

भास्कर संवाददाता | िचत्तौड़गढ़ किसानोंकी सबसे महत्वपूर्ण फसल अफीम की बुआई का समय करीब है, लेकिन पट्टा वितरण तो दूर अब तक अफीम नीति भी घोषित नहीं हो पाई है। इसके पीछे कारण किसानों के साथ दो सांसदों द्वारा रकबा बढ़ाने का दबाव है। जबकि विभाग इसके लिए तैयार नहीं है। इसी उधेड़बुन में केंद्रीय वित्त मंत्रालय अब तक निर्णय नहीं ले पा रहा है। फसल वर्ष 2016-17 के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा सितंबर में अफीम नीति घोषित करने और अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में किसानों को पट्टे बांटने की योजना कारगर नहीं हो पाई। गत साल 8 अक्टूबर को नई नीति गई थी। राजस्थान मध्यप्रदेश के हजारों किसानों की निगाहें इस पर टिकी है। देरी का कारण सांसदों के रूप में राजनीतिक और अधिकारियों की सरकारी सोच सुझावों में टकराव है। देश के दो प्रमुख अफीम उत्पादक जिलों राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और मप्र के मंदसौर के सांसद क्रमश: सीपी जोशी और सुधीर गुप्ता के दिए प्रस्तावों पर अधिकारी राजी नहीं हंै। विभाग ने इस बार 10,15 और 20 आरी की बजाय 35 और 50 आरी के पट्टे देने का प्रस्ताव तैयार किया था। इस पर किसानों का...

Vice null Time१३ अक्‍तूबर २०१६ २३:३६:२३


अफीम की खेती के लिए ऑनलाइन मिलेंगे पट्‌टे

२५ जून २०१६ ००:३१:२२ bhaskar

किसानों को अफीम पट्टे वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए नारकोटिक्स विभाग प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहा है। हर किसान के खाते को आधार से लिंक करना शुरू कर दिया है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले सीजन में किसानों को पट्‌टा वितरण आॅनलाइन किया जाएगा। नारकोटिक्स विभाग ने मंदसौर, नीमच, रतलाम के सभी किसानों को आधार कार्ड की फोटोकाॅपी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए हैं। आधार नंबर से ही किसानों की कोडिंग की जाएगी। 2015-16 में विभाग ने 18651 किसानों को पट्टे जारी किए थे। आधार कार्ड की कॉपी मुखिया के माध्यम से विभाग में जमा होगी। खंड 2 अफीम अधिकारी व्यासजी शुक्ल ने बताया आयुक्त कार्यालय से मिले निर्देश के बाद सभी किसानों के आधार नंबर लिए जा रहे हैं। खंड 3 के अफीम अधिकारी एस.पी. सिंह ने बताया प्रक्रिया शुरू हो गई है पुराने किसानों के रिकाॅर्ड मुख्यालय भेजे जा रहे हैं। 1998 से लेकर अब तक प्रदेशभर में अफीम किसानों की जानकारी फीड की जा रही है। काम खंड स्तर पर एक माह से जारी है। ये होगा फायदा : किसान और विभाग दोनों को मिलेगी सुविधा अफीम काश्तकारों के खाते आधार से लिंक करने के बाद...

Vice null Time२५ जून २०१६ ००:३१:२२